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मुजफ्फरपुर में इलाज से पहले सौदा, बात नहीं बनी तो मरीज को उसी हालत पर छोड़ा

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इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।  



अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर । माडल अस्पताल में मरीजों की हालत ऐसी होती है कि अगर वो अतिरिक्त रुपये खर्च न करें तो उन्हें इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। कुछ ऐसा ही वाक्या बुधवार को देखने को मिला, जब एक मरीज से ब्लड जांच कराने के नाम पर रुपयों का सौदा नहीं पटा तो उसे उसके ही हाल पर छोड़ दिया गया। वहीं, मरीज की हालत जब बिगड़ने लगी तो उसके स्वजन उसे निजी अस्पताल लेकर चले गए।

वहीं, मरीज की शिकायत पर पांच कर्मियों को चिह्नित कर जवाब मांगा गया हैं। जीएनएम रवि बसवाला को माइक्रोबायोलाजी लैब से हटा दिया गया है। इसके साथ चार कर्मियों से जवाब मांगा गया है। जिन कर्मियों से जवाब मांगा गया हैं कि जिसमें जीएनएम रवि बसवाला, जीएनएम मुकेश कुमार, जीएनएम मुन्ना कुमार, जीएनएम राजवीर गोदारा और एएनएम रीमा कुमारी शामिल हैं।
मरीज के स्वजन ने खुद लगाया इंट्राकैट

मरीज के स्वजन साहेबगंज हुस्सेपुर के मुन्ना कुमार ने कहा कि वह अपने रिश्तेदार नीलू कुमारी को लेकर छह जनवरी को शाम में माडल अस्पताल में आए थे। उसको ब्लीडिंग की समस्या थी और जान्डिस का लक्षण दिख रहा था।

अस्पताल आने पर इमरजेंसी में डाक्टर से दिखवाया गया। चिकित्सक ने बढ़िया से इलाज कर आइसीयू वार्ड में भेजा दिया। तैनात महिला कर्मी ने मरीज के स्वजन से कहा कि ब्ल्ड जांच कराना होगा, कहां कराओगे। जांच के लिए तो बाहर जाना होगा। यहां पर पांच बजे शाम के बाद पैथोलाजी जांच नहीं की जाती।

इस बीच महिला कर्मी ने एक आदमी को बुला लिया। खून का नमूना लेने वाले ने बताया कि 2700 रुपए फीस लगेगा। मरीज के स्वजन ने कहा कि यह तो सरकारी अस्पताल है। इतना पैसा नहीं है हमारे पास। तो बाहर से आए जांच कर्मी ने कहा कि कम से कम 1500 लगेगा। उसने कहा कि वह बगल में बैंक रोड इलाके में जाकर जांच कराएगा।

इस पर मरीज के स्वजन ने जांच कराने से इंकार कर दिया तो स्वास्थ्य कर्मी ने इंट्राकैट लगाने से इंकार कर दिया। इस दौरान मरीज का स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा। मरीज की हालत बिगड़ता देख पहले तो स्वजन ने खुद ही इंट्राकैट लगा दिया और दवा चालू कर दी। मरीज दर्द से जब छटपटाने लगा तो स्वजन उसे लेकर निजी अस्पताल चले गए एवं पूरे घटनाक्रम की शिकायत मोबाइल से अधीक्षक से की।
अधीक्षक ने जांच कर की कार्रवाई

अधीक्षक डा.बीएस झा ने बतााया कि माडल अस्पताल में भर्ती मरीज से जांच के नाम पर 2700 रुपए की मांग करने की शिकायत मिली। शिकायत के बाद आइसीयू प्रभारी राजकिशोर सिंह व वहां पर तैनात सुरक्षा प्रहरी को भेजकर तत्काल जांच कराया।

वहां पर मरीज के सामने छानबीन की गई। कहा कि बैंक रोड से किसी लैब से जांच कराने की बात की जा रही है। उसकी भी जांच चल रही। जांच में पुष्टी होने पर कार्रवाई करते हुए जीएनएम रवि बसवाला को माइक्रोबायोलाजी प्रभारी से हटा दिया गया हैं। लैब टेकनीशियन विनीता कुमारी का प्रभारी बनाया गया हैं।
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