जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले की सड़कों पर परिवहन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। फिटनेस प्रमाणपत्र की मियाद खत्म होने के बावजूद हजारों वाहन बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंख मूंदे बैठे हैं। परिवहन विभाग के ही आंकड़े हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक जिले में 28,642 वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद इनके संचालन पर कोई रोक नहीं है। सबसे चिंताजनक स्थिति ई-रिक्शाओं की है, जो तंग गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के दौड़ रही हैं। 12,765 ई-रिक्शा सड़कों पर बिना फिटनेस के दौड़ रही हैं।
तकनीकी खामियों के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं, इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर से न तो सघन अभियान चलाया गया और न ही सख्ती दिखाई गई। ई-रिक्शाओं के अलावा 9,650 मालवाहक वाहन भी बिना फिटनेस के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
ऑटो रिक्शा भी नियमों से परे हैं, जिनमें 4,632 आटो बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे हैं। यही नहीं, 47 बसें और 1,915 टैक्सियां भी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी हैं। इस संबंध में आरटीओ प्रवर्तन सियाराम वर्मा ने बताया कि प्रत्येक दिन चैकिंग अभियान चलाया जाता है। और बिना फिटनेस पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। |