प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, अमरोहा। किस्त जमा न करने पर फाइनेंस कंपनी ने कंटेनर अपने कब्जे में ले लिया। बाद में बगैर प्रक्रिया पूरी किए दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। वह व्यक्ति अपने नाम से फास्टेग लगाकर उसका संचालन भी करने लगा। जबकि पहले स्वामी को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। अब देहात थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर प्रबंधक, कैशियर समेत पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
देहात थाना क्षेत्र के गांव रायपुर खुर्द निवासी अमजद ने मणिपुर फाइनेंस लिमिटेड कंपनी की मुरादाबाद शाखा से ऋण लेकर 10 टायरा कंटेनर खरीदा था। किन्ही कारणों से वह एक मासिक किस्त जमा नहीं करा पाए थे। ऐसे में फाइनेंस कंपनी के कैशियर ने फरवरी 2025 में कंटेनर अपने कब्जे में ले लिया था।
आरोप है कि इसके बाद अमजद ने किस्त जमा करने के लिए फाइनेंस कंपनी से संपर्क किया तो प्रबंधक राजीव व कैशियर योगेश ने मार्च में क्लोजिंग होने का बहाना बना कर अप्रैल में आने के लिए कहा। इसी बीच एक दिन अमजद डींगरपुर हाईवे पर खड़ा था तो उसका कंटेनर वहां से गुजरा।
अमजद ने कंटेनर रोक कर चालक से पूछा तो उसने अपना नाम इनामुल निवासी गांव शाहपुर डसर थाना असमौली जनपद संभल बताया। कहा कि उसने यह कंटेनर मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव डींगरपुर निवासी महफूज से से खरीदा, लेकिन अभी ट्रांसफर नहीं कराया है। जबकि कंटेनर पर सरफराज नाम के किसी व्यक्ति का फास्टैग प्रयोग किया जा रहा था।
अमजद ने शाखा प्रबंधक योगेश से बात की तो आरोपित ने धमकी देकर खामोश कर दिया। पीड़ित ने देहात थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने अदालत की शरण ली। प्रभारी निरीक्षक शौकेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक राजीव, कैशियर योगेश, महफूज, इनामुल हसन व सरफराज के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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