शशि थरूर ने मादुरो की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल (फाइल फोटो)
एएनआई, तिरुअनंतपुरम। कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन शशि थरूर ने बुधवार को वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी मिलिट्री आपरेशन पर गहरी चिंता जताई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी आपरेशन संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय विवादों में बल का इस्तेमाल न करने के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
थरूर ने साफ किया कि हालांकि संसदीय समिति ने अभी तक इस घटना पर औपचारिक रूप से चर्चा नहीं की है, लेकिन भू-राजनीतिक बदलाव की गंभीरता को देखते हुए उन्हें एक आम नागरिक के तौर पर बोलना जरूरी लगा। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है।
थरूर ने भारत की विदेश नीति के बहुपरक दृष्टिकोण का समर्थन किया, जिसमें विभिन्न देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा यूएन चार्टर का सम्मान किया है और वेनेजुएला में हुई घटनाएं भारतीयों को परेशान करती हैं।
\“वेनेजुएला से चीन के साथ संबंध तोड़ने की अमेरिकी मांग संप्रभुता का उल्लंघन\“
वेनेजुएला के विरुद्ध अमेरिकी कार्रवाई की चीन ने बुधवार कोकड़ी निंदा की। बीजिंग ने चीन समेत विभिन्न देशों से संबंध तोड़ने की अमेरिका की मांगों और वेनेजुएला पर बल प्रयोग को उत्पीड़न करार दिया जो अंतरराष्ट्रीय कानून व देश की संप्रभुता का उल्लंघन करता है औरउसके लोगों के अधिकारों को कमजोर करता है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान जब वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से चीन, रूस, ईरान व क्यूबा से आर्थिक संबंध तोड़ने और विशेषकर अमेरिका के साथ साझेदारी करने के अमेरिकी आग्रह के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसी मांगें अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और जबरदस्ती हैं जो वेनेजुएला के संप्रभु अधिकारों को खतरे में डालती हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वेनेजुएला एक संप्रभु राष्ट्र है जिसका अपने प्राकृतिक संसाधनों व आर्थिक गतिविधियों पर स्थायी नियंत्रण है और चीन व अन्य साझीदार देशों केकानूनी अधिकारों एवं हितों की रक्षा की जानी चाहिए। चीन और वेनेजुएला के बीच सहयोग दो संप्रभु राष्ट्रों के बीच सहयोग है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधित कानूनों से संरक्षित है।
माओ ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका द्वारा बल प्रयोग और वेनेजुएला की तेल संपत्तियों पर उसकी पहल स्थापित अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का बड़ा उल्लंघन है। चीन दबाव के ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान पर जोर देता है। |
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