12 घर जलकर राख
संवाद सूत्र, राघोपुर(वैशाली)।प्रखंड के जुड़ावनपुर थाना अंतर्गत चक सिंगार पंचायत, वार्ड संख्या 12 (शिवनगर लंका टोला) में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से 12 घर जलकर राख हो गए। इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग की चपेट में आने से एक गाय, उसका बछड़ा और भैंस के पांच बच्चे जलकर मर गए, जबकि कई अन्य मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज स्थानीय चिकित्सक कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात नंद लाल राय के घर में अचानक आग लगी। तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों तक फैल गई। कुछ ही पलों में आग की लपटों ने नंद लाल राय, नौमी राय, राम केवल राय, पप्पू राय, टूनटून राय, जयमीत राय, बिजनेस राय, सरवन कुमार, नितीश कुमार, नीरज कुमार, धीरज कुमार और विनय कुमार सहित 12 परिवारों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
आगलगी की सूचना मिलते ही आसपास के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राम सिंगार कुमार ने तुरंत जुड़ावनपुर थाना और दमकल विभाग को सूचना दी। पहली दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन किसी तकनीकी कारण से स्टार्ट नहीं हो सकी। इसके बाद दूसरी दमकल गाड़ी बुलाई गई। ग्रामीणों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 12 घर पूरी तरह जल चुके थे।
इस हादसे में चार मोटरसाइकिल, साइकिल, खटिया, चौकी, टेबल, कुर्सी, पलंग, साथ ही गेहूं, चावल, कपड़े, नकद रुपये, जेवर और जरूरी कागजात जलकर राख हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवा और आग की ऊंची लपटों के कारण किसी भी परिवार के लिए घर से सामान निकाल पाना संभव नहीं था। हालात इतने भयावह थे कि आग के पास पहुंचना भी मुश्किल हो गया था।
घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कड़ाके की ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। गुरुवार सुबह चक सिंगार पंचायत के मुखिया शिवपुजन भगत, समाजसेवी राजीव सिंह, सुनील सिंह और विकास कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही अंचल अधिकारी से तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
गौरतलब है कि इसी पंचायत के वार्ड संख्या 12 में 4 जनवरी को भी बिजली शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें सात घर जलकर राख हो गए थे। उस हादसे में भी घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, नकद रुपये, जेवर और जरूरी कागजात नष्ट हो गए थे। पांच दिन बीतने के बावजूद उन अग्नि पीड़ितों को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिल पाई है। लगातार हो रही घटनाओं और राहत में देरी से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ित परिवारों ने शीघ्र मुआवजा, अस्थायी आवास और पशु क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। |