चाईबासा-मनोहरपुर मार्ग पर सुरक्षाबलों द्वारा बरामद किया गया शक्तिशाली IED।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल इलाके में माओवादियों की बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोंटोगाढ़ा गांव के समीप मनोहरपुर-चाईबासा मुख्य सड़क पर माओवादियों द्वारा लगाया गया एक शक्तिशाली IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद हुआ। सुरक्षाबलों ने इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चाईबासा-मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर IED बम लगाया गया है।
पुलिस की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची तत्काल सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुबह 9.30 बजे से सड़क को दो घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद IED को निष्क्रिय कर सड़क पर आवाजाही सामान्य कर दी गई।
डिस्पोजल एक्सपर्ट्स ने बम-प्रूफ तरीके से नष्ट किया जानकारी के मुताबिक, माओवादियों ने सुरक्षाबलों के गश्ती दलों को निशाना बनाने के इरादे से सड़क किनारे यह विस्फोटक छिपाया था। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने समय रहते बम खोज निकाला और डिस्पोजल एक्सपर्ट्स ने इसे बम-प्रूफ तरीके से नष्ट किया। इस कार्रवाई से न केवल राहगीरों और वाहनों की जान बची, बल्कि माओवादी उग्रवाद को बड़ा झटका लगा। पुलिस अधीक्षक अमित रेणू ने बताया कि टोंटोगाढ़ा गांव के पास IED की गुप्त जानकारी मिलते ही सुरक्षाबल सतर्क हो गए। हमारी तत्परता से खतरा टल गया। बम सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। आगे भी ऐसी साजिशों को विफल करने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में माओवादी गतिविधियां लंबे समय से चुनौती बनी हुई हैं। सारंडा जंगल का यह इलाका उग्रवादियों का गढ़ माना जाता है। सुरक्षाबलों की यह सफलता स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ाने वाली है। जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें।  |
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