सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बेतिया। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन की ओर से सुरक्षा कारणों से आभूषण दुकानों में ग्राहकों के हिजाब, बुर्का, घूंघट, मास्क और हेलमेट पहनकर प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य आभूषण दुकानों में लूट, चोरी और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना बताया जा रहा है।
हालांकि नगर समेत जिले के अन्य छोटे शहरों और कस्बों में इस नियम को पूरी तरह लागू करना आसान नहीं दिख रहा है। नगर के कई आभूषण व्यवसायियों का कहना है कि इस तरह की रोक छोटे शहरों में सामाजिक और व्यावहारिक स्तर पर कठिनाई पैदा कर सकती है।
पहचान उजागर करने से बढ़ सकता है विवाद
यहां बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक रूप से घूंघट या बुर्का में खरीदारी करने आती हैं। ऐसे में उन्हें दुकान पर आने से रोकना या पहचान उजागर करने के लिए कहना विवाद की वजह बन सकता है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। फिलहाल नगर और आसपास के इलाकों में अधिकांश आभूषण दुकानदार इस निर्देश को लेकर असमंजस में हैं। कुछ दुकानों ने आंशिक रूप से इसका पालन शुरू किया है, जबकि कई व्यापारी फिलहाल पुराने तरीके से ही कारोबार चला रहे हैं।
स्वर्ण व्यवसायियों ने बताया कि वे लोग पहले से ही हेलमेट पहन कर दुकान पर आने वाले लोगों को प्रवेश देने से रोकते हैं। दुकान में घुसने से पहले ही उन्हें हेलमेट उतरने को कहा जाता है। ग्राहक इसका पालन भी करते हैं।
दुकान के कर्मियों को स्पष्ट हिदायत दी गई
छोटे शहर के दुकानों में आने वाले अधिकतर ग्राहक परिचित होते हैं। इस कारण महिलाओं से हिजाब, बुर्का या घूंघट हटाने को कहना व्यवसायिक और सामाजिक ताना-बाना को प्रभावित कर सकता है। हालांकि नए ग्राहकों के किसी भी प्रकार से चेहरा ढक कर आने पर उन पर विशेष नजर रखी जाती है। इसके लिए दुकान के कर्मियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है।
स्वर्ण व्यवसायियों की राय है कि सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और फेडरेशन को स्थानीय स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि न तो सुरक्षा में चूक हो और न ही व्यापार प्रभावित हो।
व्यवसायियों ने कहा कि फेडरेशन की मंशा सही है, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लचीला रुख अपनाया जा रहा है।
दुकानों पर लगे हैं सीसी कैमरे, सुरक्षा गार्ड तैनात
आपराधिक वारदात से बचने के लिए सोने चांदी की दुकानदारों ने दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। दुकान के आसपास के इलाके भी सीसीटीवी कैमरा के जद में रहते हैं। सुरक्षा लिहाज से बड़े स्वर्ण व्यवसायी अपने दुकानों के बाहर निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं।
पुलिस की ओर से भी सोने चांदी की दुकानों की सुरक्षा के लिए पहले से ही इंतजाम किया गया है।समय-समय पर पुलिस पदाधिकारी दुकानों और यहां आने वाले ग्राहकों की जांच करते रहते है।
सुरक्षा हमारी भी प्राथमिकता है, लेकिन छोटे शहरों में ग्राहकों से इस तरह की सख्ती करना आसान नहीं है। अगर ग्राहक नाराज हुए तो वे दूसरी दुकान पर जा सकते हैं।- अमरनाथ प्रसाद उर्फ भोला, प्रोपराइटर, अप्सरा ज्वेलर्स, हजारीबाग धर्मशाला।
बड़े शहरों में यह नियम शायद चल जाए, लेकिन यहां सामाजिक संवेदनशीलता ज्यादा है। हम ग्राहक को असहज नहीं करना चाहते। ग्राहकों की उनकी सुविधा का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है।- योगेश प्रसाद सर्राफ, प्रोपराइटर नंदिनी ज्वेलर्स, हजारीमल धर्मशाला।
सुरक्षा के लिहाज से दुकान के चारों तरफ सीसी कैमरे लगाए गए हैं, काउंटर पर अतिरिक्त स्टाफ रखा है। ग्राहकों की पहचान की वैकल्पिक व्यवस्था भी है।- राज रौशन, प्रोपराइटर, अलंकार ज्वेलर्स, सुप्रिया रोड।
दुकान में कंपनी के प्रोटोकॉल का पालन होता है। दुकान के बाहर निजी सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। पुलिस भी समय-समय पर जांच करती है, इससे काफी हद तक सुरक्षा सुनिश्चित हो जाती है।- मनोज गोयनका, तनिष्क, बेतिया। |