संवाद सूत्र, महराजगंज। कडा़के की ठंड के साथ ही इस समय घना कोहरा भी पड़ रहा है। पीले फूलों से सजी सरसों की फसल पर कोहरे की मार किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। लगातार पड़ रहे घने कोहरे ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम के असर से सरसों के फूल गिर रहे हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। रबी के सीजन में शुरुआती दौर में किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद भी रही ,लेकिन करीब 15 दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे व भीषण ठंड से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सरसों के साथ चना, मटर, आलू के अलावा फूल देने वाली सभी फसलों पर संकट है।
शुरुआत में अच्छी फसल की थी उम्मीद
मोन ग्राम निवासी किसान अमरेंद्र सिंह व सीता राम का कहना है कि शुरुआत में अच्छी फसल होने की उम्मीद थी, लेकिन कोहरे से सरसों की फसल में माहू कीट का भी प्रकोप देखने को मिल रहा है। इससे फसल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। महराजगंज कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी अंकित यादव का कहना है कि कोहरे व अधिक ठंड के कारण सरसों के अतिरिक्त अन्य फूल वाली फसलों में माहू कीट के साथ फफूंद (व्हाइट रश) रोग लग रहा है।
ये रोग एक सप्ताह में ही फसल को चौपट कर देता है। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में ही इसका रोकथाम किया जा सकता है। इसके लिए कृषि रक्षा इकाई पर फफूंद नाशक दवा में कार्बेंडाजिम व मयंकोजेप दवा व माहू कीट के लिए नीम आयल व इमिडा क्लोरोप्रिड नामक दवा उपलब्ध है। इन दवाओं में पंजीकृत किसानों को 75 प्रतिशत का अनुदान भी मिल रहा है। |