deltin33 • The day before yesterday 10:56 • views 840
जागरण संवाददाता, सीतापुर। कुत्ता काटने के 29वें दिन ई-रिक्शा चालक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिवारजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम शुक्रवार को मृतक के घर पहुंचकर जांच पड़ताल करेगी।
इससे पहले वर्ष 2018 में खैराबाद इलाके में 13 बच्चों समेत 17 लोगोें की मौत हो गई थी। तब पीड़ितों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुत्तों को पकड़वाने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक कोई प्रबंध नहीं किया जा सका है। इससे लोगों में आक्रोश है।
महमूदाबाद नगर पालिका के बेहटा वार्ड निवासी 55 वर्षीय सरवर पुत्र रज्जू खान ई-रिक्शा चलाते थे। नौ दिसंबर को कस्बे में आवारा कुत्ते ने चिकमंडी चौराहे पर हाथ व पैर में काट लिया था। इसके बाद वह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद पहुंचे। यहां पर एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई गई।
घाव अधिक होने पर एंटी रेबीज सीरम(एआरसी) न होने से लखनऊ रेफर कर दिया। परिवारजन इलाज के लिए लखनऊ ले गए। यहां पर सीरम लगवाने के बाद इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। वहीं, दूसरी ओर बताया जा रहा है कि इसी दिन आवारा कुत्ते ने कई लोगों को काटकर जख्मी कर दिया था। ई-रिक्शा चालक की मौत के बाद सभी भयभीत हैं।
कुत्ता काटने के बाद नौ दिसंबर को ई-रिक्शा चालक आया था, जिसे एआरवी लगा दी गई थी। घाव अधिक होने पर एआरसी लगवाने के लिए लखनऊ भेज दिया गया था। शुक्रवार को टीम को भेजकर जांच-पड़ताल की जाएगी।
-डाॅ. आशीष सिंह, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-महमूदाबाद।
मौत का कारण पोस्टमार्टम से स्पष्ट होता है। अगर परिवार को कुत्ता काटने से मौत की बात लग रही थी तो उन्हें पोस्टमार्टम कराना चाहिए था।
-डाॅ. एमपी सिंह चंदेल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी। |
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