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Magh Mela 2026: माघ मेले का दूसरा स्नान कब है? जानें डेट और शुभ मुहूर्त

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Magh Mela 2026: माघ मेले के दूसरे स्नान की तिथि और समय।



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। संगम नगरी प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला आस्था और त्याग का प्रतीक है। साल 2026 में माघ मेले की शुरुआत 4 जनवरी से हो चुकी है। लेकिन श्रद्धालुओं को जिस दिन का सबसे बेसब्री से इंतजार रहता है, वह है माघ मेले (Magh Mela 2026) का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण शाही स्नान यानी की \“मकर संक्रांति\“।

मकर संक्रांति के दिन संगम में डुबकी लगाने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु और कल्पवासी प्रयागराज पहुंचते हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में दूसरे स्नान (Magh Mela Prayagraj Bathing Schedule) की सही तिथि, मुहूर्त और पूजा के जरूरी नियम।

  
माघ मेला 2026: दूसरे स्नान की तिथि (Makar Sankranti Snan-Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को पड़ रही है। इसी पावन अवसर पर मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का पावन संयोग बन रहा है और इसी दिन माघ मेले में दूसरा स्नान (Magh Mela 2026 Second Bath Date) भी किया जाएगा। जब लाखों श्रद्धालु संगम के पावन तट पर डुबकी लगाने के लिए जाएंगे।
स्नान और पूजा के विशेष नियम (Makar Sankranti Rituals )

  • मौन स्नान - संगम तट पर स्नान करते समय मन ही मन \“ॐ नमः शिवाय\“ या \“गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती\“ मंत्र का जाप करें। अनावश्यक बातचीत से बचें।
  • अर्घ्य दान - स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत लेकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। उत्तरायण सूर्य को जल देना जीवन में तेज और सफलता लाता है।
  • तिल का प्रयोग - माघ महीने में और विशेषकर मकर संक्रांति पर जल में काले तिल डालकर स्नान करना और तिल का उबटन लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
  • कल्पवास का संकल्प - कल्पवासी के लिए दूसरे स्नान का महत्व \“अमृत प्राप्ति\“ के समान है।

दान का महत्व (Makar Sankranti Daan Rituals )

माघ मेले के दूसरे स्नान पर दान का फल सौ गुना बढ़ जाता है। इस दिन इन चीजों का दान जरूर करें -

  • खिचड़ी दान - चावल और काली उड़द की दाल की खिचड़ी का दान महादान माना जाता है।
  • गर्म कपड़े - इस दौरान जरूरतमंदों को कंबल या गर्म कपड़े देने से शनि देव की कृपा मिलती है।
  • गुड़ और तिल - यह दान सूर्य और मंगल की शुभता बढ़ाता है।

अन्य बातें

  • स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
  • इस दौरान तामसिक चीजों से दूर रहें।
  • नदी को गंदा न करें।
  • किसी के बारे में मन में गलत विचार न रखें।


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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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