सूअर (Pig) के बड़े कारोबारी के साथ मैनेजर ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर डाली।
जागरण संवाददाता, रांची। विश्वास जब व्यापार की बुनियाद बनता है, तो कभी-कभी वही सबसे बड़ा धोखा भी साबित होता है। रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सूअर (Pig) के बड़े कारोबारी संतोष सोनकर के साथ उनके ही भरोसेमंद मैनेजर ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर डाली।
जिस युवक को मुंशी की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने तकनीक का सहारा लेकर करीब 3.20 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। इस मामले में अब पुलिस ने मैनेजर और उसके भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्राइवर से मैनेजर बना और फिर रच दी बड़ी साजिश
स्वरिखा नगर निवासी कारोबारी संतोष सोनकर सूअर की खरीद-बिक्री का बड़ा व्यवसाय करते हैं। राजू कुमार नामक युवक बीते पांच वर्षों से उनके साथ जुड़ा था। राजू ने शुरुआत एक ड्राइवर के तौर पर की थी, लेकिन उसकी योग्यता और व्यवहार को देखते हुए संतोष ने उसे मुंशी और फिर मैनेजर की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी।
राजू के पास ही व्यापार की पूरी देखरेख, ग्राहकों से लेन-देन और हिसाब-किताब का जिम्मा था। कारोबारी ने उस पर इतना भरोसा किया कि पूरे व्यापार की चाबी उसके हाथ में दे दी, जिसका फायदा उसने गबन के लिए उठाया।
QR Code का खेल: ऐसे हुई करोड़ों की हेराफेरी
ठगी का यह तरीका बेहद शातिराना था। ऑनलाइन भुगतान के इस दौर में राजू कुमार ने व्यापारी को बताए बिना बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई में अपने नाम से \“फोन पे\“ क्यूआर कोड बनवा लिए।
जब भी ग्राहक सूअर की खरीदारी का भुगतान करते, राजू अपना क्यूआर कोड सामने कर देता। पैसे सीधे राजू के खाते में जाते थे, लेकिन वह मालिक को हमेशा झूठा और कम हिसाब दिखाता था। वह प्रतिदिन लाखों के टर्नओवर को महज 10 से 15 हजार रुपये बताकर बरगलाता रहा।
45 हजार रुपये ने खोल दी पांच साल की पोल
धोखाधड़ी का यह सिलसिला सालों से चल रहा था, लेकिन इसका खुलासा सितंबर 2025 में हुआ। व्यापारी के भाई ने जब अपने नाम से नया क्यूआर कोड लगवाया, तो पहले ही दिन 45 हजार रुपये का ऑनलाइन कलेक्शन हुआ।
कारोबारी को तब शक हुआ कि जब एक दिन में इतनी रकम आ रही है, तो राजू इसे कम क्यों बताता था? जब सख्ती से पूछताछ की गई और खातों की जांच हुई, तो पता चला कि राजू ने अपने और अपने भाइयों (संजय साहु और विष्णु साहु) के खातों में करोड़ों रुपये मंगवाए हैं।
जमीन खरीदी और बनवाया आलीशान मकान
जांच में यह बात भी सामने आई है कि राजू कुमार का वेतन बेहद कम था, लेकिन गबन की राशि से उसने महंगी जमीनें खरीदीं और आलीशान घर का निर्माण करवा रहा था।
कारोबारी का आरोप है कि करीब 1.72 करोड़ रुपये ऑनलाइन माध्यम से और लगभग 2 करोड़ रुपये नकद लेन-देन में हेराफेरी की गई है। कुल मिलाकर यह घोटाला 3.20 करोड़ रुपये के आसपास का है।
पुलिस ने शुरू की खातों की पड़ताल
चुटिया थाना ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र मिश्रा को इस हाई-प्रोफाइल गबन केस की जांच सौंपी गई है।
पुलिस अब राजू कुमार और उसके भाइयों के बैंक खातों की विस्तृत डिटेल (Bank Statement) निकाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गबन की गई राशि कहां-कहां निवेश की गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। |