महेंद्र प्रताप सिंह, अंबेडकरनगर। धान खरीद और कुटाई के बाद सरकारी चावल का भंडारण सबसे बड़ी समस्या है। राइस मिलर्स धान की कुटाई करके चावल को भंडारण करने के लिए गैरजनपदों में जाना पड़ता है। हालांकि, टांडा एवं बेलांगर में छोटे गोदाम हैं, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल एवं जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी के प्रयास से जल्द ही जिले में दो बड़ी क्षमता वाले गोदाम बनेंगे। इससे गैरजनपदों तक चावल पहुंचाने एवं लाने में अन्य बचत मिलाकर हर वर्ष 24.88 करोड़ रुपये भाड़े की बचत होगी।
इन गोदामों में रखा जाता है चावल व गेहूं
धान खरीद का लक्ष्य 1,58,000 एमटी है। इसके सापेक्ष 1,10,000 एमटी चावल भेजा जाता है। जिले में मात्र 10 हजार एमटी एवं जौनपुर के शाहगंज डिपो में 50 हजार एमटी, एफसीआइ अयोध्या में 20 हजार एमटी तथा डिपो चकवल आजमगढ़ में 30 हजार एमटी भेजा जाता है। हालांकि, टांडा में 5600 एवं बेलांगर में चार हजार एमटी का ही गोदाम है।
ब्राहिमपुर कुसुमा एवं परवरभारी में बनेगा गोदाम
टांडा के ब्राहिमपुर कुसुमा में 30 हजार एमटी की क्षमता का गोदाम बनेगा। इसके लिए 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति हो गई है। भीटी ब्लाक के परवरभारी गांव में गोदाम के लिए भूमि की तलाश जा रही है।
सीएमआर भेजने-मंगाने में करोड़ों रूपये का भाड़ा
जनपद से सीएमआर बाहर जाने पर 10 लाख एमटी के सापेक्ष लगभग छह करोड़ रुपये परिवहन व्यय होता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में जिले का मासिक आवंटन नौ से 10 हजार एमटी है। इसका उठान शाहगंज डिपो से 70 लाख रुपये प्रतिमाह भाड़ा व्यय होता है। गोदाम बनने पर 30 लाख रुपये ही भाड़ा लगेगा। वहीं, शाहगंज डिपो पर पंजाब से प्रतिवर्ष 48 रैंक आता है। इसमें प्रति रैक 37 से 40 लाख रुपये व्यय होता है। इस प्रकार एक वर्ष में 17.76 करोड रुपये भाड़ा की बचत होगी।
धान व गेहूं का उत्पादन
जिले में धान का क्षेत्रफल 1,38,191 हेक्टेयर है। इसमें उत्पादन 756189 एमटी है। गेहूं का कुल क्षेत्रफल 119261 हेक्टेयर है। कुल उत्पादन 491935 एमटी है।
जिलाधिकारी के प्रयास से एक गोदाम के लिए ब्राहिमपुर कुसुमा में भूमि मिल गई है। भीटी में भी भूमि की तलाश हो रही है। दोनों गोदाम का निर्माण होने से 24.88 करोड़ रुपये हर वर्ष परिवहन व अन्य खर्च होता है, जिसकी बचत होगी। /B
-गोरखनाथ त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी |
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