भारतीय मूल के प्रीतम सिंह को लेकर सिंगापुर की संसद में होगी बहस (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सिंगापुर की संसद में अगले हफ्ते यह तय करने पर बहस होगी कि क्या विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह अपने पद पर बने रह सकते हैं या नहीं। उन पर संसदीय समिति के सामने झूठ बोलने का दोष साबित हुआ है। प्रीतम सिंह भारतीय मूल के हैं और वर्कर्स पार्टी के नेता हैं।
यह मामला उनकी पार्टी की पूर्व सदस्य रइसा खान से जुड़ा है। रइसा खान ने संसद में गलत बात कही थी, जिसे बाद में उन्होंने खुद स्वीकार किया। इसी मामले में प्रीतम सिंह को दोषी ठहराया गया।संसद का सत्र 12 जनवरी से शुरू होगा।
किसने रखा है प्रस्ताव?
संसद की नेता इंद्राणी राजा ने इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर 13 जनवरी या उसके बाद बहस होगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि झूठ बोलने के दोषी व्यक्ति का विपक्ष के नेता बने रहना सही नहीं है। यह भी कहा गया है कि इससे संसद की इज्जत और देश की राजनीति पर लोगों का भरोसा कम हो सकता है।
अदालत ने फरवरी में प्रीतम सिंह पर 14,000 सिंगापुर डालर का जुर्माना लगाया था। विदित हो कि, रइसा खान अगस्त 2021 में झूठ बोलने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। सिंगापुर की संसद में सत्तारूढ़ पार्टी के पास ज्यादातर सीटें हैं। प्रीतम सिंह देश के हाल के इतिहास में पहले विपक्ष के नेता हैं।
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