तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत फूलों की घाटी रेंज के जंगलों के बीते पांच दिनों से सुलगने को सरकार ने गंभीरता से लिया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। वन मंत्री के अनुसार विभाग प्रमुख से कहा गया है कि सभी पहलुओं से जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
फूलों की घाटी रेंज में लक्ष्मण गंगा और अलकनंदा नदी के बीच की पहाड़ियां नौ जनवरी से सुलग रही हैं। विपरीत परिस्थितियों के चलते वन कर्मियों को इस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। यद्यपि, आग पर नियंत्रण के लिए अब वायु सेना से मदद लेने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस उच्च हिमालयी क्षेत्र के इन जंगलों का शीतकाल में सुलगना हर किसी को अचरज में डाल रहा है।
हालांकि, पूर्व में आग की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इतनी लंबी अवधि तक नहीं चलीं। वन मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार शीतकाल में इन जंगलों में आग लगने के क्या कारण रहे, इसे लेकर गहनता से जांच करने के आदेश विभाग प्रमुख को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कारण सामने आने के बाद इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।
वायु सेना की तीसरी बार ली जा रही मदद
उत्तराखंड में जंगलों में लगने वाली आग किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। फूलों की घाटी रेंज के जंगलों में शीतकाल में लगी आग पर नियंत्रण के लिए अब वायु सेना की मदद ली जा रही है। इससे पहले वर्ष 2016 और 2021 में भी जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए वायु सेना की मदद ली गई थी, लेकिन तब यह आग गर्मियों में लगी थी।
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सर्दियों में आग की घटनाएं (एक नवंबर 2025 से अब तक)
| क्षेत्र | घटनाएं | प्रभावित क्षेत्रफल | | गढ़वाल, 14, 4.4 | | | | कुमाऊं, 00, 00 | | | | वन्यजीव परिरक्षण, 20, 11.99 | | |
(नोट: घटनाएं संख्या और क्षेत्रफल हेक्टेयर में) |