जन औषधि केंद्र का पैक्सों में होगा संचालन
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी 38 जिलों में 420 पैक्सों का चयन जन औषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) को खोलने के लिए किया गया है, इनमें से 302 पैक्सों में जन औषधि केंद्र की स्थापना के लिए सहकारिता विभाग ने स्वीकृति दे दी है।
30 पैक्सों को ड्रग लाइसेंस प्रदान कर दिया गया है, जबकि 26 पैक्सों को जन औषधि केंद्र संबंधी स्टोर कोड दिया गया है। 8 जनवरी तक 22 पैक्सों में जन औषधि केंद्रों का संचालन आरंभ हो गया है, जहां जरूरतमंद ग्रामीणों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध होंगी।
महत्वपूर्ण बात यह कि बी-फार्मा डिग्रीधारक जन औषधि केंद्र को संचालित करेंगे सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह के मुताबिक राज्य के चयनित पैक्सों में जन औषधि केंद्रों का संचालन होने से न केवल लोगों के समय और खर्च की बचत करेगा, बल्कि इससे पैक्स की आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
जल्द ही सभी चयनित पैक्सों में जन औषधि केंद्रों की स्थापना होगी। गांवों में जो युवक बी-फार्मा डिग्री धारक हैं वो जन औषधि केंद्र का संचालन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है।
6,292 पैक्सों में हो रहा कामन सर्विस सेंटर का संचालन
राज्य के 6,292 पैक्सों में कामन सर्विस सेंटर का संचालन कराया जा रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को 300 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।
इन सेवाओं के माध्यम से पैक्सों ने पांच करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया है। ग्रामीणों को अब अपनी अनाज को बेचने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने के साथ-साथ आधार, पैन, प्रमाण पत्र जैसी डिजिटल सेवाओं के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ता है।
ये सभी सुविधाएं अब पैक्स के माध्यम से उन्हें गांव में ही उपलब्ध हैं। सहकारिता विभाग की इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहयोग मिल रहा है। |