थावे मंदिर में चोरी करने वाले आरोपितों का केस नहीं लड़ेंगे वकील
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। थावे मंदिर से मां दुर्गा के आभूषण चोरी के मामले में अधिवक्ताओं ने सख्त रुख अपनाया है। इस कांड में गिरफ्तार आरोपितों का कोई भी वकील पैरवी नहीं करेगा। विधिज्ञ संघ ने सामूहिक निर्णय लेते हुए कहा है कि मां का ज्वेलरी चोरी करने वालों को कड़ा से कड़ा दंड दिलाने के लिए अधिवक्ता समाज एकजुट है।
विधिज्ञ संघ के महासचिव मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि आस्था पर प्रहार है। ऐसे अपराधियों को कानूनी संरक्षण देना मां का अपमान होगा। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे इस केस से पूरी तरह अलग रहें और न्याय सुनिश्चित करने में सहयोग करें।
पुलिस ने इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड दीपक राय उर्फ दिव्यांशु (गाजीपुर), इजमामुल आलम (पूर्वी चंपारण) और गुड्डन साई (अरार चौक) को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपितों का केस लड़ने से अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से इन्कार कर दिया है।
लिंक खंगाल रही पुलिस, एसटीएफ सक्रिय
पुलिस इजमामुल आलम और मऊ जेल में बंद राकेश के आपराधिक लिंक की जांच में जुटी है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों एक ही व्यक्ति हो सकते हैं। इजमामुल को रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। वहीं दीपक राय की टीआइ परेड कराए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। दूसरी ओर, फरार आरोपित शरीफ साईं की तलाश में बिहार एसटीएफ की टीम सारण और चंपारण में लगातार छापेमारी कर रही है। कई थानों की पुलिस और तकनीकी शाखा की टीम इस आपरेशन में जुटी हुई है।
रेकी के बाद हुई थी मंदिर में चोरी
17–18 दिसंबर की रात चोरों ने थावे मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर लाकर समेत मां के मुकुट, हार, छतरी सहित लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण की चोरी हुई थी।
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