मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार 14-15 जनवरी को मौसम का रुख बदल भी सकता है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पिछले दिनों की तुलना में शनिवार को सुबह कोहरा कई क्षेत्रों में जल्दी छंट गया और आसमान साफ होने से तापमान में भी सुधार देखा गया। दिन के समय पारा स्थिर रहा और गलन का प्रभाव कुछ कम हुआ। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आगामी मौसमी परिवर्तन का परिणाम है। दिन में धूप ने तापमान को बढ़ाने में मदद की और गलन से मौसम में थोड़ी राहत भी मिली।
समूचे पूर्वांचल में सुबह गलन का प्रकोप बना रहा। तापमान में कमी के साथ ही पछुआ हवाअें के जोर ने लोगों को खूब कंपाया। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पहाड़ों पर पड़ेगा, जिसके बाद मैदानी क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप गलन भरी हवाएं फिर से सक्रिय हो सकती हैं।
शुक्रवार की शाम तक मौसम विभाग ने नया अलर्ट जारी किया है। नए अलर्ट के अनुसार, गलन भरी हवाओं का असर मकर संक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को दिख सकता है। मकर संक्रांति के लिए मौसम विभाग ने नया यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें मौसमी बदलाव की चेतावनी दी गई है। माना जा रहा है कि मौसम में बदलाव के साथ, यदि पश्चिमी विक्षोभ मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय हुआ, तो बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।
बीते चौबीस घंटों में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 6.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री कम दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि शनिवार को भी कुछ इसी प्रकार का मौसम रह सकता है। सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यदि पछुआ हवाओं का जोर बना रहा, तो मैदानी क्षेत्र फिर से इसका असर गलन के रूप में सामने आ सकता है। वाराणसी और पूर्वांचल के मौसम में बदलाव की स्थिति बनी हुई है। |
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