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जिंदा वृद्ध को बनाया मृत, रोकी पेंशन। फोटो जागरण
नीरज, शिवहर। पुरनहिया प्रखंड की बखार चंडिहा वार्ड 11 निवासी राम विनोद सिंह की पत्नी बबूनी देवी (93) जिंदा हैं। स्वस्थ भी हैं, लेकिन सरकारी बाबुओं ने तीन साल पहले ही अपने दस्तावेज में उन्हें मृत घोषित कर वृद्धा पेंशन रोक दी है। खुद को जिंदा साबित करने के वह कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक वह न तो जिंदा घोषित की गई हैं और न ही पेंशन शुरू हो सकी है। मामले में डीएम प्रतिभा रानी ने संज्ञान लिया है।
विभाग को रिपोर्ट भेजने व पेंशन चालू कराने की बात कही है। बबूनी देवी को कई साल से पेंशन नहीं आ रही थी। वह परेशान थीं। पति, पोते व बहू के साथ बैंक गईं तो पता चला कि सरकारी फाइलों में वह मृत घोषित कर दी गई हैं। तब से वह पंचायत व प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। इसी भागदौड़ के क्रम में उन्हें पता चला कि पंचायत सचिव की जांच रिपोर्ट में उन्हें मृत बता दिया गया है। इसके चलते उनकी पेंशन बंद हो गई है।
वोटर लिस्ट में नाम, पेंशन की फाइल में मृत
पहली जनवरी, 1933 को जन्मी सामान्य परिवार से आने वाली बबूनी को लाभार्थी संख्या 000003476236 के तहत वृद्धा पेंशन का लाभ मिल रहा था। वर्ष 2022 में पोते सोमेश्वर कुमार जब बैंक पहुंचकर दादी के खाते की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तो बताया गया कि मृत होने के कारण पेंशन बंद कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने पंचायत सचिव को आवेदन दिया। पंचायत सचिव को दादी से मिलवाया।
कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक का चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। तीन साल से अधिक समय बीत गया। बबूनी देवी की आंखों की रोशनी कम हो गई है। कदम लड़खड़ाने लगे हैं। आवाज भी अब स्पष्ट नहीं निकलती है। बावजूद इसके वह अपना पूरा काम करती हैं और पेंशन के हक के लिए आवाज उठा रही हैं।
पोते सोमेश्वर कहते हैं वोटर लिस्ट में दादी का नाम है, लेकिन पेंशन की फाइल में मृत बता दिया गया है। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम प्रतिभा रानी ने खुद संज्ञान लिया है। जांच कराई जा रही है। बबूनी देवी का दावा सही पाए जाने पर तत्काल सरकारी अभिलेखों में सुधार कर पेंशन फिर से चालू कराई जाएगी। साथ ही, पिछली रुकी हुई राशि का भी भुगतान कराया जाएगा। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। |
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