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फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से हटाए गए अतिक्रमण को हटाने का कार्य पूरा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तुर्कमान गेट पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से हटाए गए अतिक्रमण को हटाने का कार्य पूरा हो गया है। हल्का फुल्का मलबा हटाने का कार्य चल रहा था। हालांकि शनिवार को एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने के बाद जमीन को कब्जे में ले लिया है। अतिक्रमण की कार्रवाई एमसीडी के मेटीनेंस विभाग ने की थी जिसने कार्रवाई के बाद उद्यान विभाग को यह जमीन दे दी है।
एमसीडी ने खाली कराई गई भूमि के दोनों तरफ लकड़ी और बांस की बल्लियां लगाकर इसकी अस्थायी बेरीकेडिंग कर दी है। साथ ही एमसीडी ने इस भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बना दिया है। निगम के अनुसार 418 टन मलबा अभी तक उठाया जा चुका है। शेष कार्य अभी जारी है।
एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि कब्जा हटाने के लिए रामलीला मैदान की दीवारों को भी तोड़ा गया था उसे ठीक किया जाएगा। क्योंकि मशीनें उस स्थान तक पहुंच नहीं पा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि अभी परियोजना बनाई जाएगी कि इस खाली कराई गई भूमि का उपयोग किस तरह से करना है। इसमें क्या ग्रीन कवर करना है या पौधे लगाने हैं। फिलहाल इसके चारों तरफ खाली कराई गई भूमि पर पौधे लगाने की योजना है। ताकि इसकी चारदिवारी पौधों से भी हो सके। इसमेंं पीपल के पेड़ लगाए जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि निगम ने 39000 वर्ग फुट भूमि का पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया था। हाईकोर्ट ने इस इलाके से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। साथ ही इसमें पीड़ित पक्षों को भी सुनने की बात कही थी। इस पर एमसीडी ने मस्जिद इंतजामिया कमेटी को सुनवाई के दो अवसर दिए लेकिन जिस भूमि पर अतिक्रमण हटाया गया है उसके मालिकाना हक के दस्तावेज दावेदार प्रस्तुत नहीं कर सके।
एमसीडी के अनुसार वर्ष 1940 में (एलएंडडीओ) द्वारा केवल 0.195 एकड़ भूमि के लिए पट्टा विलेख निष्पादित किया गया था, जिसमें एक टिन शेड, चबूतरा, हुजरा एवं कब्रिस्तान स्थित थे। दिल्ली वक्फ बोर्ड अथवा प्रबंध समिति सैयद फैज इलाही द्वारा उक्त पट्टा विलेख में सम्मिलित भूमि से अधिक किसी भी प्रकार के स्वामित्व अथवा अधिकार से संबंधित कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया गया।
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