इंदौर के अस्पताल में भर्ती मरीज।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीला पानी पीने से शनिवार को एक और महिला की मौत हो गई, जिसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो चुकी है। एमवाय अस्पताल में भर्ती मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुनीता वर्मा के रूप में हुई है, जो फर्सी वाली गली, भागीरथपुरा की निवासी थीं।
परिजनों के अनुसार, सुनीता वर्मा को 6 जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई थी। हालत बिगड़ने पर पहले उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने एमवाय अस्पताल रेफर किया। इलाज के दौरान शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
जांच में खुलासा: पानी में मल-मूल की मिलावट
जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि भागीरथपुरा में सप्लाई किए गए पेयजल में मल-मूल की मिलावट थी। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जिससे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है।
11 मरीज ICU में, हालात गंभीर
दूषित पानी के सेवन से प्रभावित 11 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें से चार मरीज वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। क्षेत्र से लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर लोग अब भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बोरिंग का पानी पीने पर प्रतिबंध
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और अनुपम राजन ने निर्देश जारी कर भागीरथपुरा क्षेत्र में बोरिंग के पानी को पीने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल शुद्ध और परीक्षण युक्त पेयजल की ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। |