मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय, मेरठ की अकादमिक एवं गतिविधि परिषद की बैठक में मौजूद विश्वविद्यालय के कुलपति अर्जुन पुरस्कार विजेता मेजर जनरल (सेनि.) दीप अहलावत व अन्य। जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय, मेरठ की अकादमिक एवं गतिविधि परिषद की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, पाठ्यक्रम ढांचे और संस्थागत तैयारियों को सुदृढ़ करने से जुड़े कई अहम नीतिगत निर्णयों पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति अर्जुन पुरस्कार विजेता मेजर जनरल (सेनि.) दीप अहलावत ने की। बैठक का संचालन विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार झा ने किया, जो परिषद के सदस्य सचिव भी हैं।
बैठक के दौरान परिषद ने विश्वविद्यालय के अकादमिक एवं संस्थागत ढांचे से जुड़े कई प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की। इनमें अतिथि संकाय एवं प्रतिनियुक्ति के माध्यम से संकाय की नियुक्ति, बोर्ड आफ स्टडीज का गठन, पाठ्यक्रम एवं सिलेबस निर्माण के लिए अनुभवी अकादमिक परामर्शदाताओं की नियुक्ति, प्रस्तावित स्कूलों, विभागों एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों (डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम) की स्वीकृति शामिल रही। इसके साथ ही अकादमिक परामर्श एजेंसियों के कार्य-क्षेत्र का निर्धारण और अकादमिक एवं खेल कैलेंडर को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।
परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रही निर्माण गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की और शैक्षणिक व प्रशासनिक तैयारियों का आंकलन किया। आगामी शैक्षणिक सत्रों के सुचारू संचालन के लिए प्रस्तावित पदों और नियुक्तियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों में डा. गुलशन लाल खन्ना (प्रो वाइस चांसलर, एमआरआईआईआरएस, फरीदाबाद), डा. केशव गुर्जर (पूर्व उप निदेशक खेल, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर), दीपा मलिक (पैरालंपिक पदक विजेता), आभा ढिल्लों (ओलिंपियन– शूटिंग), प्रो. डा. वीरेंद्र (विभागाध्यक्ष, मेरठ कॉलेज), डा. राजीव कुमार (परीक्षा नियंत्रक, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर), प्रो. सत्यंत कुमार (डीन, मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय) और अब्दुल अहद (मुख्य प्रशिक्षक, खेल अधिकारी विभाग, मेरठ) शामिल रहे।
परिषद को संबोधित करते हुए कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने लिए गए निर्णयों के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये निर्णय विश्वविद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव रखने के साथ-साथ इसे खेल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। बैठक का समापन कुलसचिव सुनील कुमार झा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। |