चार वर्षों में सुधरी पटना की हवा। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी पटना की वायु गुणवत्ता में गत चार वर्षों से लगातार सुधार हो रहा है। 2025 में यह अब तक की सबसे स्वच्छ हवा के रूप में दर्ज की गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) इस समय दिसंबर-जनवरी में लगभग 200 या इससे कम है, जबकि गत वर्ष इसी समय यह 273 था।
सोमवार को वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए गठित जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति (डीएलआईसी) की समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम ने दी।
उन्होंने कहा कि 2026 में वायु गुणवत्ता इंडेक्स में और सुधार के लिए धूल-धुआं कम करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। धूल कण घटाने के लिए व्यापक पौधारोपण, धुआं कम करने के लिए प्रदूषण करने वाले वाहनों की रोकथाम, पराली जलाने से रोकने के लिए किसानाें को जागरूक करने समेत कई उपायों को लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
पौधारोपण की जगह चिह्नित कर वन पदाधिकारी को देने का निर्देश
बैठक में नगर निकाय, परिवहन, यातायात, पथ निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनन, कृषि समेत विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने व कार्य योजना के अनुसार वैधानिक प्रविधानों का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी विभागों को वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 2026-27 की कार्य योजना तैयार कर उसे प्रभावी रूप से लागू करने को कहा।
साथ ही वृक्षारोपण के लिए स्थलों की पहचान कर सूची जिला वन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान, विभिन्न पुलों के नीचे, समाहरणालय व अन्य कार्यालय परिसरों के साथ जिन जगहों से अतिक्रमण हटाया गया, वहां पौधारोपण की असीम संभावनाएं हैं। यहां व अन्य जगहों पर हरित विकास व पौधारोपण के लिए एक्शन प्लान के अनुसार कार्य किया जाए ताकि वायु गुणवत्ता और सुधरे। उन्होंने जिला वन पदाधिकारी (पार्क डिवीजन) को हरित क्षेत्र विकास के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
निर्माण-मलबा उठाव को 155304 पर करें फोन
पटना नगर निगम ने डीएम को बताया कि निर्माण व मलबा सामग्री उठाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 155304 जारी किया गया है। लोग एक फोन पर शुल्क देकर मलबा उठवा सकते हैं। इसके अलावा सड़क पर सामग्री पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। डीएम ने दानापुर निजामत, संपतचक, खगौल व फुलवारी शरीफ नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने क्लीन एयर डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए संबंधित नगर निकायों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया। 15वें वित्त आयोग से प्रदूषण मद में आवंटित राशि का नियमानुसार व्यय कर उपयोगिता प्रमाणपत्र शीघ्र जमा करने को कहा गया।
जिला कृषि पदाधिकारी व अनुमंडल पदाधिकारियों को किसानों के बीच पराली जलाने के दुष्प्रभाव, फसल अवशेष प्रबंधन व कृषि अपशिष्ट से इथेनाल उत्पादन जैसे वैज्ञानिक पहलुओं पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान और कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी जोर दिया। |
|