जींद जिले के उचाना में फैक्ट्री मालिक नंदकिशोर को लेकर पहुंची गोहाना पुलिस।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। जींद से लाए गए नकली देसी घी पकड़ने के मामले में सही जांच न करने और आरोपितों का नाम केस से हटाने के आरोप में निलंबित किए गए थाना शहर के प्रभारी अरुण कुमार, एएसआई संदीप व दो अन्य पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया है। इस मामले के सामने आने पर एसआईटी का गठन किया गया था।
चार सदस्यीय एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एसआईटी ने ही चारों पर केस दर्ज कराया है। थाना प्रभारी व एएसआई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। दोनों भूमिगत हैं। हालांकि पुलिस ने एफआइआर को हाइड कर दिया है। वहीं पुलिस आयुक्त व उपायुक्त गोहाना ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।
क्या है पूरा मामला?
10 दिसंबर, 2025 को शहर थाना गोहाना की पुलिस ने खंदराई मोड़ के निकट से जींद में गुरुद्वारा कालोनी के सुनील कुमार को नकली देसी घी के साथ गिरफ्तार किया था। वह अर्टिगा गाड़ी में जींद से घी के डिब्बे लेकर आया था। पुलिस ने जींद स्थित वीटा मिल्क प्लांट में गुणवत्ता नियंत्रक सहायक प्रबंधक बादल को मौके पर बुलाकर पूछताछ की थी। गाड़ी से वीटा मार्का का 450 लीटर देसी घी बरामद किया था।
घी को पैकेटों में भरकर वीटा का मार्का लगाया गया था, जो जांच में नकली मिला था। बाद में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक जींद में राजेंद्र नगर के नंदकिशोर को गिरफ्तार किया। इसी मामले में अधिकारियों को शिकायत मिली कि शहर थाना के एचएचओ अरुण और एएसआई संदीप सही जांच नहीं कर रहे हैं। थाना प्रभारी पर आरोपितों के नाम केस से हटाने के आरोप लगे।
इस पर आला अधिकारियों ने एचएचओ अरुण और एएसआई संदीप को लाइन हाजिर कर दिया था। बाद में दोनों को निलंबित कर दिया। इस मामले में आगे की जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया, जिसमें गोहाना के एसीपी देवेंद्र, मोहाना थाना के एसएचओ मोहन सिंह, एसआइ जितेंद्र और साइबर सेल के एक सिपाही को शामिल किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में एसआईटी ने एसएचओ अरुण कुमार, एएसआई संदीप, सिटी थाने के हवलदार बसाऊ और सिपाही दुष्यंत पर केस दर्ज कराया है।
पुलिस आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त व अन्य अधिकारियों ने इस मामले को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। कोई भी अधिकारी किसी मीडियाकर्मी का फोन तक नहीं उठा रहा। अगर कोई फोन उठा भी ले तो जानकारी नहीं होने या इस मामले को कुछ भी न कहने के निर्देशों का हवाला देकर पिंड छुड़ा लेता है। सोमवार को जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म रहा, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर कुछ भी कहना सही नहीं समझा।
नकली घी का गढ़ बना जींद, दिल्ली-एनसीआर में हो रही सप्लाई
जींद के कई क्षेत्रों में नकली घी बनाने का काम किया जा रहा है। इस घी को दिल्ली एनसीआर के शहरों में सप्लाई किया जाता है। पिछले साल नवंबर व दिसंबर में ऐसे दो मामले सामने आए। पहले मामले में देसी घी के डिब्बों से भरी एक बोलेरो पिकअप को रोका गया। बड़वासनी के पास से इस वाहन को सदर थाने लाकर जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर घी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे, लेकिन अभी इसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं दूसरे मामले में गोहाना में जींद से लाए गए वीटा मार्का के 450 डिब्बे पकड़े गए, इसी मामले में पुलिस के दो अधिकारी सस्पेंड किए गए और चार पर केस दर्ज किया गया। यहां भी सैंपल रिपोर्ट आनी बाकी है।
जींद में नकली घी बनाने की तीन फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी
जींद जिले में नकली घी बनाने की तीन फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं। जींद जिले के अधिकारी इन फैक्ट्रियों पर शिकंजा भी कस रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री संचालक बाज नहीं आ रहे। जींद के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक साल में घी के 38 सैंपल लिए थे, जिनमें से 17 सैंपल फेल मिले हैं। विभाग की ओर से इन सभी पर जुर्माना लगाया गया है।
वहीं चार मामले अदालत में चल रहे हैं। पिछले साल 10 दिसंबर को उचाना में नकली घी बनाने की फैक्ट्री से 65 किलो खुला और 210 लीटर घी पैकिंग में पकड़ा गया था। गोहाना पुलिस गिरफ्तार आरोपित फैक्ट्री संचालक नंदकिशोर को लेकर 10 दिसंबर को उचाना स्थित उसकी फैक्ट्री में पहुंची थी। तब आरोपित ने बताया कि फैक्ट्री से बरामद इस घी को भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। |
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