एनसीआर में प्रदूषण। (फाइल)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले 88 उद्योगों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बंद करने का नोटिस दिया है।
इन सभी खिलाफ के यह कार्रवाई तय समयसीमा में उत्सर्जन कम करने के लिए आनलाइन सतत निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) नहीं लगाने के चलते की गई है। इन सभी उद्योगों ने यदि 23 जनवरी से पहले उत्सर्जन को कम करने के लिए खुद को निगरानी प्रणाली से लैस नहीं किया, तो इसके बाद उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
मौजूदा समय में एनसीआर में करीब दो हजार उद्योग उत्सर्जन निगरानी प्रणाली से लैस नहीं हैं। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के सालाना प्लान पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ चर्चा के दौरान सीपीसीबी ने सोमवार को यह जानकारी साझा की।
वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अगुआई में रखी गई इस बैठक में दिल्ली के सालाना प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई है। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री व आला अधिकारियों के साथ भी ऐसी ही चर्चा होगी।
इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्लान के बिंदुओं से राज्य के शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराना है, ताकि इसके अमल में किसी तरह की कठिनाई हो तो वह अपने स्तर पर उसे तुरंत निपटा सकें।
बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद थे। बैठक में दिल्ली ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनाए गए प्लान के अमल को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की। साथ ही बताया कि 14 हजार बस खरीद की योजना के तहत 3350 ई-बसों के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं।
31 जनवरी, 2026 तक 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को ई-आटो, बाइक टैक्सी, फीडर कैब जैसी सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। 3300 किमी सड़क के पुनर्निर्माण का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री यादव ने स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पर भी जोर दिया। कहा कि पहचाने गए 62 सर्वाधिक जाम वाले स्थानों पर तुरंत ट्रैफिक को सामान्य बनाने की दिशा में काम किया जाए। इस दौरान सड़कों की सफाई, कचरा प्रबंधन, उन्हें जलाने से रोकने जैसे सभी प्लान पर विस्तार से चर्चा हुई। |
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