परमजीत सिंह उर्फ पम्मा
संवाद सहयोगी, जागरण, स्वार (रामपुर)। मिलकखानम क्षेत्र के पीपली वन में सोमवार सुबह युवक का गोली लगा शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदेला निवासी 40 वर्षीय परमजीत सिंह उर्फ पम्मा के रूप में हुई है। बताया गया कि परमजीत सिंह रविवार शाम से लापता था। स्वजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे।
सोमवार सुबह उसका शव मिलकखानम थाना क्षेत्र के पीपली वन स्थित अंबरपुर बीट नंबर 11 के जंगल में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। प्राथमिक जांच में युवक के पैर में गोली लगने के निशान मिले हैं। इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जंगल क्षेत्र में जमा हो गई।
मृतक के मामा श्याम सिंह ने आरोप लगाया है कि उसे घर से गांव के ही कुछ युवक लेकर गए थे। घर न लौटने पर उनसे जानकारी ली गई थी। लेकिन, संतोषजनक जवाब नही दिया था। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दी जाएगी। थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपितों को बख्शा नहीं जाएगा।
पीपली वन में खैर की लकड़ी के तस्करों का आतंक
मिलकखानम क्षेत्र में फैले हजारों हेक्टेयर पीपली वन में लंबे समय से खैर की लकड़ी के तस्करों का आतंक है। तस्करों और वन कर्मियों के बीच फायरिंग की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में इस हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक परमजीत सिंह के खिलाफ मिलकखानम और बिलासपुर थानों में 12 से अधिक खैर की लकड़ी की तस्करी के मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
इस कारण आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत मुठभेड़ या तस्करों के आपसी विवाद में भी हो सकती है। आशंका है कि वन कर्मियों के साथ मुठभेड़ में उसे गोली लगी हो। दूसरी ओर यह भी आशंका है कि तस्करों के बीच हिस्सेदारी या किसी विवाद को लेकर आपसी फायरिंग में उसकी जान गई। हालांकि, अभी तक किसी भी बिंदु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
परिवार में मची चीख-पुकार
मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी है, जबकि दो छोटे बेटे हैं। पिता का शव देखकर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम छाया हुआ है।
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