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रात-10.27 बजे.... एम्स मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर दो के पास खुले आसमान के नीचे रात गुजारते लोग। विपिन शर्मा
मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी दिल्ली कड़ाके की ठंड की चपेट में है। हाड़ कंपाती ठंड में शाम ढलते ही जहां लोग घरों में दुबक जाते हैं। रजाई-गद्दों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती। वहीं कुछ लोगों की मजबूरियां उन्हें ऐसे ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश कर रही है।
एम्स का गेट हो, सफदरजंग अस्पताल परिसर या फिर एम्स ट्रामा सेंटर, दृश्य एक जैसा। किसी का ऑपरेशन टला तो किसी को जांच ने उलझाया। अपनों के इलाज की आस में रुके लोगों को न एम्स के आश्रय केंद्र की जानकारी और सरकारी रैन बसेरों की मालूमात। इन्हें बताने-समझाने वाला भी कोई नहीं।
रात-10.28 बजे...एम्स सबवे के भीतर रात में ठंड से बचने के लिए शरण लिए लोग। विपिन शर्मा
हालांकि खुले आसमान के नीचे लोगों के रात गुजारने की रिपोर्ट का दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। इसका असर तो बाद में दिखेगा। सोमवार रात 10 बजे के बाद दैनिक जागरण की टीम ने भी एम्स, सफदरजंग और ट्रामा सेंटर के आस-पास का जायजा लिया। तमाम कवायदों और प्रयासों के बावजूद यहां के दृश्य में कोई परिवर्तन नहीं मिला।
रात-10.26 बजे...एम्स के गेट नंबर छह के पास बस स्टाप के पास रात गुजारते लोग। विपिन शर्मा
एम्स के गेट नंबर छह के पास फुटपाथ पर लोग खुले में कंबल लपेटे सोते मिले तो वहीं कुछ ठंड से बचने के लिए सब-वे में शरण लिए मिले। एम्स मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर दो के पास भी यहीं दृश्य मिला। छह नंबर गेट के पास ही फुटपाथ पर लेटे हुए मिले उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के नरेंद्र सिंह।
रात-10.50 बजे... सफदरजंग अस्पताल के बर्न यूनिट के पास खुले में रात गुजारते लोग। विपिन शर्मा
उन्होंने बताया कि नौ साल का बेटा किडनी की बीमारी से जूझ रहा है। सुबह ही एम्स आ गए थे। कल भी दिखाना है, इसलिए रुकना पड़। यहीं जगह मिली तो बेटे के साथ कंबल लपेट कर सोने लगे।
आश्रय केंद्र या रैन बसेरों की उन्हें जानकारी ही नहीं है और न ही यहां किसी ने कुछ बताया। यहां से थोड़ी ही दूर आगे एम्स के तीन नंबर गेट के पास बने बस स्टाप पर हरिद्वार के जौना निवासी अयान मिर्जा मिले। 38 वर्षीय अयान के गले का ऑपरेशन होना है।
रात-10.43 बजे... सफदरजंग अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पास फुटपाथ पर खुले में रात गुजारते लोग। विपिन शर्मा
सोमवार को उन्हें ओटी के पास ले भी जाया गया। कुछ रिपोर्ट ठीक नहीं आयी थी, तो आपरेशन टाल दिया गया। फिर से कुछ जांच कराने को बोला है। जांच करा लिया है। रिपोर्ट मिलने पर कल दिखाना होगा, शायद आपरेशन हो जाए। अब वापस जा नहीं सकते तो यहीं रात गुजारने की व्यवस्था बनी ली।
रात-11.00 बजे... एम्स ट्रामा सेंटर परिसर में खुले आसमान के नीचे ठंड से बचने के लिए कंबल व रजाई के ऊपर प्लास्टिक शीट डालकर सोते लोग। विपिन शर्मा
ये हाल केवल एम्स के पास का नहीं है, बल्कि सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एम्स ट्रामा सेंटर का भी है। इन जगहों पर लोग खुले आसमान के नीचे कंबल और रजाई में लिपटकर रात गुजारते दिखे।
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