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रुपईडीहा पुलिस व एसएसबी अभिरक्षा में पांचों आरोपित
जागरण संवाददाता, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों की सक्रियता के चलते फर्जी प्रमुख सचिव समेत पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से हूटर व नीली-लाल बत्ती लगी इनोवा क्रिस्टा कार व लाखाें की नकदी भी बरामद हुई है। पकड़े गए सभी आरोपित लखनऊ के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया।
एसएसबी चेकपोस्ट रुपईडीहा के बीट टीम कमांडर उपनिरीक्षक सुरेश राम, एसआई श्यांबा मैतेयी, अजय कुमार व प्रियंका के साथ सीमा पर वाहन की सघन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक इनोवा क्रिस्टा कार, जिस पर नीली-लाल रंग की बत्ती चल रही थी। वाहन पर लगा हूटर पर बज रहा था।
शंका होने पर एसएसबी जवानों ने चेकपोस्ट के पास वाहन को रोक लिया। चालक से उसका नाम, पता पूछने पर उसने स्वयं को धर्मेंद्र सिंह प्रमुख सचिव के पद पर लखनऊ सचिवालय में तैनात होना बताया। वाहन पर उत्तर प्रदेश शासन भी लिखा हुआ था। वाहन में चार अन्य लोग भी सवार थे। सभी नेपाल जा रहे थे।
टीम कमांडर ने इसकी जानकारी एसएसबी व पुलिस अधिकारियों को दी। वाहन पर सवार सभी लाेगों से गहन पूछताछ की गई तो पता चला कि चालक फर्जी प्रमुख सचिव बनकर साथियों के साथ घूम रहा है। वाहन की तलाशी लेने पर दो लाख 17 हजार 480 रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।
थानाध्यक्ष रुपईडीहा रमेश रावत ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों में लखनऊ उत्तरी बरौना निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र अंबर सिंह, थाना आशियाना के सी-टू/96 कानपुर रोड सेक्टर एफ विस्तार एलडीए कॉलोनी निवासी शुभम वाजपेयी पुत्र यज्ञदत्त वाजपेयी, थाना सुशांत गोल्फ सिटी के सेकनापुर बस्तेमऊ निवासी अनमोल पुत्र रामचंदर यादव, थाना एसपीजीआइ के टाई-टू ए/6 एसपीजीआइ कैंपस निवासी सचिन सिंह पुत्र नत्थी सिंह व आलमबाग बक्शी का तालाब के 568 क/18 ख कृष्णनपल्ली निवासी स्वप्निल सहाय पुत्र मनीष सिंह शामिल हैं।
आरोपित धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कार उसकी पत्नी प्रिया के नाम से है, जो प्रिया इंटरप्राइजेज के नाम से पंजीकृत है। उसके पिता ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं और एजेंसी की कई गाड़ियां सरकारी संस्थाओं में लगी हुई हैं।
इसी का फायदा उठाकर वह लोग हूटर व लाल-नीली बत्ती गाड़ियों से रौब गालिब कर घूमते हैं। वाहन पर लगी बत्ती के चलते उन्हें टाेल टैक्स भी नहीं देना पड़ता है और वे आराम से एक से दूसरे जिले में घूमते रहते हैं। |
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