संवाद सूत्र, बेलरायां (लखीमपुर)। दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे बेलरायां वन रेंज के गांव भेड़ौरी निवासी ऊषा देवी को महाराजनगर के पास दो दिन पहले अपना निवाला बनाने वाला तेंदुआ 48 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग के लगाए गए पिंजड़े तक नहीं पहुंचा है। तेंदुए के न पकड़े जाने से आसपास के गांवों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं और खेतों में काम करने को लेकर भी आशंकित हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सोमवार को मोतीपुर क्षेत्र के मजरा गांव भौका निवासी महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ भी यही हो सकता है। लगातार दो घटनाओं के बाद वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए इलाके में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
तेंदुए की धरपकड़ के लिए वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पिंजड़े लगाए हैं, साथ ही ट्रैप कैमरे भी सक्रिय किए गए हैं। ड्रोन और पैदल गश्त के माध्यम से भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभागीय कर्मी दिन-रात जंगल और आबादी के बीच के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
उधर, महाराज नगर में लगाए गए कैमरों में भी तेंदुआ कही नजर नहीं आया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील करते हुए वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र चौधरी ने कहा है कि लोग अकेले खेतों की ओर न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। रात के समय घरों के बाहर निकलने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग या पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।
तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जब तक तेंदुआ पिंजड़े में नहीं आता, तब तक इलाके में एहतियात और निगरानी जारी रहेगी, ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके।- भूपेंद्र चौधरी क्षेत्रीय वनाधिकारी उत्तर निघासन रेंज बेलरायां |
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