Horse used for liquor smuggling: पूर्व में भी शराब की तस्करी में दो बार घोड़ों को पकड़ चुकी है पुलिस। सौ: पुलिस
संवाद सूत्र, नौतन (पश्चिम चंपारण)। Liquor smuggling in Bihar: खरमास के कारण लग्न नहीं होने से खाली पड़े शादी वाले घोड़े अब शराब तस्करी के नए साधन बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नौतन थाना क्षेत्र के मकरी टोला से सामने आया है, जहां पुलिस ने 29 लीटर अंग्रेजी शराब, एक घोड़ा और एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार धंधेबाज की पहचान ब्रह्मटोला दक्षिण तेल्हुआ निवासी रंगलाल यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि वह शादी-विवाह के मौसम में घोड़ा सट्टा (किराये) पर देने का काम करता है, लेकिन खरमास के चलते लग्न बंद होने पर उसने घोड़े का इस्तेमाल शराब तस्करी में करना शुरू कर दिया।
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक तस्कर घोड़े पर शराब लादकर उत्तर प्रदेश से दियारा मार्ग के रास्ते मोतिहारी की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने परसौनी सरेह होते हुए डबरिया मकरी टोला में घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही तस्कर घोड़ा छोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान घोड़े पर लदी बोरी से 29 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मामले में उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। फिलहाल जब्त घोड़ा थाना परिसर में रखा गया है और उसे किसी किसान को जिम्मानामे पर सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं घोड़े
यह पहली बार नहीं है जब शराब तस्करी में घोड़ों का इस्तेमाल सामने आया हो। इससे पहले 14 मार्च 2025 और 26 मई 2025 को भी नौतन थाना क्षेत्र में शराब तस्करी के दौरान दो घोड़े पकड़े जा चुके हैं। हालांकि उन मामलों में तस्कर फरार हो गए थे।
पुलिस के लिए तस्करी में पकड़े गए घोड़ों का संरक्षण एक बड़ी चुनौती बन जाता है, क्योंकि थानों में उनके लिए अलग व्यवस्था नहीं होती और आम किसानों के लिए भी घोड़ा अधिक उपयोगी नहीं होता। पूर्व में पकड़े गए घोड़ों को चारा-पानी की व्यवस्था को देखते हुए जिम्मानामे पर ग्रामीणों को सौंपा गया था, जहां वे अब भी सुरक्षित हैं। |
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