नई दिल्ली। जितनी मुकेश अंबानी की संपत्ति है उतना तो सरकार हर साल अपनी उधारियों पर ब्याज बांट देती है। थोड़ी देर के लिए इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो सकता है लेकिन यह सच है। दरअसल, सरकार भी कर्ज लेती है और उसके बदले में ब्याज चुकाती है। भारत सरकार अपनी उधारी (Borrowings) पर हर साल इंटरेस्ट का भुगतान करती है, और यह सरकार के सबसे बड़े खर्चों में से एक है।
भारत सरकार बाजार से सरकारी सिक्योरिटीज और ट्रेजरी बिल के जरिए और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों व अन्य स्रोतों से कर्ज लेती है। इस कर्ज पर हर साल भारी मात्रा में ब्याज चुकाना पड़ता है। FY2025-26 में ब्याज भुगतान का अनुमान 12.76 लाख करोड़ (1276338 करोड़ रुपये) है।
मुकेश अंबानी की दौलत से ज्यादा ब्याज की रकम
भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की संपत्ति 10 लाख करोड़ है, जबकि उनकी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 20 लाख करोड़ है। मुकेश अंबानी की नेटवर्थ के लिहाज से सरकार के ब्याज की रकम काफी ज्यादा है, क्योंकि सरकार ने अपनी उधारियों पर FY2025-26 में ब्याज भुगतान का अनुमान 12.76 लाख करोड़ (1276338 करोड़ रुपये) है।
सरकार किन कर्जों के लिए चुकाती है ब्याज
सरकार को विभिन्न योजनाओं के संचालन व प्रोजेक्ट्स के लिए जैसों की जरूरत होती है। इसके लिए सरकार, गवर्नमेंट बॉन्ड, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल के जरिए पैसा उधार लेती है। घरेलू फंडिंग के साथ-साथ सरकार विश्व बैंक और IMF जैसे अन्य विदेशी संस्थानों से भी कर्ज लेती है, और इसी उधारी के एवज में ब्याज का भुगतान करती है।
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इसके अलावा, स्मॉल सेविंग स्कीम से जुटाई जाने वाली रकम पर दिया जाने वाला ब्याज भी इसी इंटरेस्ट अमाउंट के तहत आता है। बता दें कि ब्याज भुगतान सरकार के लिए बहुत बड़ा बोझ है, और बजट में सबसे बड़ा खर्च यही होता है। |