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संवाद सहयोगी, चौबेपुर(कल्याणपुर)। कानपुर में 300 मीटर में कई बंदरों के शव मिले। चौबेपुर के बंदीमाता मार्ग पर फत्तेपुर गांव के पास सड़क किनारे मृत अवस्था में पड़े बंदरों के शव देख ग्रामीणों में आक्रोश था। पोस्टमार्टम हुआ तो इसमें जहर की पुष्टि हुई।
सोमवार शाम करीब गांव के कुछ लोग खेतों पर गए थे। यहां सड़क किनारे 300 मीटर दूर तक मृत अवस्था में कई बंदर पड़े हुए थे। जानकारी मिलते ही गांव वाले एकत्र हो गए। पुलिस को सूचना देने के लिए ग्रामीणों ने सीयूजी नंबर मिलाया लेकिन काल रिसीव नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी रही।
घटनास्थल पर चार पहिया वाहन के टायर के निशान मिले हैं। माना जा रहा है कि बंदरों को मृत अवस्था में यहां फेंका गया है। इधर दो घंटे बाद पहुंचे कार्यवाहक थाना प्रभारी अमित सिंह ने जांच शुरू कराई। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना देकर बंदरों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
मृत मिले बंदरों के शवों का 20 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग और पुलिस की उपस्थिति में पशु चिकित्सकों के पैनल ने जांच की। इसमें जहर की पुष्टि हुई है। इसके चलते विसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला मथुरा भेजा गया है।
मृत बंदरों के पोस्टमार्टम में 20 घंटे की देरी से ग्रामीणों में नाराजगी दिखी। उप निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि डाक्टरों का पैनल बनाने को लेकर देर हुई है। चिकित्सकों द्वारा विधिक जांच में जहर की पुष्टि हुई है। इधर विहिप के जिला उपाध्यक्ष मनीष दीक्षित, नितिन तिवारी, राहुल पांडेय ने बंदीमाता घाट पर पहुंच कर मृत बंदरों का अंतिम संस्कार कराया।
उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कराने को कहा है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार ने बताया कि जहर से बंदरों को मारने की पुष्टि हुई है। ऐसी भी संभावना है कि बंदरों को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया है। मामले की जांच की जा रही है।
नीले पड़ गए थे शव
मृत अवस्था में मिले बंदर नीले पड़ गए थे। ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि बंदरों को जहर देकर मारा गया है। शव एक-दो दिन पहले के लग रहे हैं। |
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