जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले तक परीक्षा फार्म भराया जा रहा है। परीक्षा बोर्ड के निर्णय को ताक पर रखते हुए पिछले दिनों स्नातक से लेकर पीजी की परीक्षाओं में आखिरी समय तक ऐसा ही हो रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी होने वाली तिथि पर भी कालेज नामांकित छात्र-छात्राओं का परीक्षा फार्म नहीं भराते हैं। बगैर विलंब शुल्क और फिर विलंब शुल्क के साथ तिथि समाप्त होने के बाद भी कई कालेज छात्र हित का हवाला देकर एक दिन या दो दिन के लिए पोर्टल खोले जाने का अनुरोध करते हैं। इस आधार पर विश्वविद्यालय की ओर से उनके आवेदन पर विचार कर लिया जाता है।
स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में भी मंगलवार को तीन बजे तक के लिए पोर्टल खोला गया है। इससे पहले भी पीजी से लेकर स्नातक की परीक्षा में आखिरी समय तक फार्म भरने के लिए आपाधापी मची रहती है। आखिरी समय तक फार्म भरने से रिजल्ट में गड़बड़ी से लेकर एडमिट कार्ड में त्रुटि की संभावना बनी रहती है। कई बार विश्वविद्यालय को छात्र-छात्राओं की संख्या की भी जानकारी नहीं मिल पाती।
फार्म भराकर भी कालेज शुल्क का विवरण उपलब्ध नहीं कराते हैं। बार-बार तिथि समाप्त होने के बाद फिर से फार्म भरने का मौका दिए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले वोकेशनल कोर्स में जब परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया चल रही थी तो इसी बीच नामांकन के लिए पोर्टल खोल दिया गया। विश्वविद्यालय की ओर से सीट भरने के नाम पर पोर्टल खोले जाने की बात कही गई।
दूसरी ओर विश्वविद्यालय की ओर से पिछले दिनों परीक्षा बोर्ड की बैठक में परीक्षा शुरू होने से 10 दिन पूर्व ही फार्म भरने की प्रक्रिया रोकने का निर्णय हो चुका है। तय हुआ था कि ऐसे कालेजों पर कार्रवाई होगी। बावजूद इसके परीक्षा विभाग की ओर से इसका पालन नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि निजी कालेज आखिरी समय तक विद्यार्थियों का नामांकन और फार्म भराते हैं।
पिछले वर्ष परीक्षाओं में परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले तक फार्म भराया जाता रहा। इस कारण छात्र-छात्राओं की संख्या का आकलन नहीं हो पा रहा था। पिछले वर्ष स्नातक परीक्षा में कई केंद्रों पर प्रश्न पत्र भी घट गए थे। परीक्षा नियंत्रक डा. राम कुमार ने कहा कि कालेजों को सख्त निर्देश जारी किया जाएगा कि वे निर्धारित अवधि में ही फार्म भरकर विवरण उपलब्ध कराएं। |
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