राज्य ब्यूरो, लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने केंद्रीय मानक औषधि नियंत्रण कोलकाता (सीडीसीओ) के एलर्ट के बाद प्रदेश में एलमांट किड सीरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।
तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने सीडीसीओ को सूचना दी थी कि वैशाली बिहार की ट्राइडस रेमेडीज के बने एलमांट किड सीरप में एथिलीन ग्लाइकाल (ईजी) की मात्रा मानक से अधिक है। इस सीरप के बैच नंबर एएल-24002 का निर्माण जनवरी 2025 में हुआ था और इसकी एक्सपायरी तिथि दिसंबर 2026 है।
एफएसडीए ने अलर्ट मिलने के बाद सभी सहायक आयुक्त, औषधि निरीक्षकों को सीरप की बिक्री को रोकने के निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वह सीरप की उपलब्धता, भंडारण, वितरण, बिक्री का पता लगाएं और निगरानी रखें। यदि कहीं सीरप पाया जाता है तो उसकी बिक्री और वितरण को रोक दिया जाए।
साथ ही सीरप को जब्त कर लिया जाए। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के लिए भी कहा गया है। एलमांट किड सीरप बच्चों को एलर्जी, खांसी या अस्थमा जैसे लक्षण होने पर दिया जाता है।
ड्रग कंट्रोलर शशि मोहन ने बताया कि सीडीसीओ से एलर्ट मिलने के बाद सभी सहायक आयुक्तों और औषधि निरीक्षकों को सीरप की उपलब्धता, भंडारण का पता लगाने और बिक्री को रोकने के लिए कहा गया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ सीरप की बिक्री पर रोक के बाद यह दूसरा मौका है, जब अलर्ट जारी किया गया है। कोल्ड्रिफ सीरप में एथिलीन ग्लाइकाल मानक से अधिक था। हालांकि प्रदेश में कहीं भी इसका भंडारण या बिक्री नहीं मिली थी। |