कड़कड़डूमा टीओडी परियोजना। फाइल फोटो
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी के तहत तैयार की गई कड़कड़डूमा आवासीय योजना को खरीदारों से उत्साहजनक रिस्पांस न मिलने पर अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) टीओडी पॉलिसी में बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके लिए ड्राफ्ट जारी कर जनता से सुझाव पहले ही मांगे जा चुके हैं।
क्या है टीओडी?
टीओडी एक ऐसी पॉलिसी है जो लोगों के घरों का सपना पूरा करने के साथ ही उन्हें सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रेरित करेगी। इसके तहत बन रहे प्रोजक्ट ट्रांजिट स्टेशन के आसपास होंगे। यहां रहने वाले लोग पैदल चलते हुए ट्रांजिट स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
इससे निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम होगा और सड़के जाम मुक्त होंगी। गाड़ियां व जाम के कम होने से प्रदूषण कम होगा। दिल्ली में अब रहने के लिए जगह की कमी हो गई है। ऐसे में यह पॉलिसी राजधानी के वर्टिकल विकास के दरवाजे खोलेगी
क्या किए गए हैं बदलाव?
- मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ 500 मीटर में टीओडी जोन बनेंगे। जोन में नियोजित विकास के लिए 207 वर्गमीटर भूमि को अनलॉक करने की योजना है। जिस प्लॉट का एरिया 2000 वर्गमीटर या अधिक है वह टीओडी के लिए योग्य होगा। प्लॉट के साइज में 80 प्रतिशत तक की कमी की गई है। पहले इस पॉलिसी में प्लॉट का न्यूनतम साइज 10 हजार वर्गमीटर था।
- टीओडी प्लॉट तक पहुंचने के लिए पहले कम से कम 18 मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए। अब यदि यह सड़क मौजूद नहीं होगी तो एक नई एलिवेटेड या अंडरग्राउंड कम चौड़ाई वाली सड़क ट्रांजिट स्टेशन तक पहुंचने के लिए बनाई जाएगी।
- इस पॉलिसी के तहत अब न्यूनतम 400 एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और अधिकतम 500 एफएआर मिलेगा। ग्राउंड कवरेज मानकों में भी कमी की गई है। यह अब 40 प्रतिशत रहेगा। इससे पूर्व अधिकतम एफएआर 300 था।
- यदि दो प्लॉट को मिला रहे हैं तो उसका कम से कम 10 प्रतिशत एरिया हरित क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए कुल एफएआर का 65 प्रतिशत हिस्सा फ्लैट के लिए इस्तेमाल होगा। इन फ्लैटों का साइज 100 वर्गमीटर कार्पेट साइज से छोटा होगा। पहले न्यूनतम एफएआर का 50 प्रतिशत हिस्सा आवासीय उद्देश्य के लिए था
- टीओडी में अब मिश्रित भू उपयोग के तहत नियोजित विकास होगा। कुल एफएआर के 65 प्रतिशत में अफोर्डेबल हाउसिंग, 10 प्रतिशत में नेबरहुड कमर्शल, सुविधाएं व सामाजिक सुविधाओं के साथ 25 प्रतिशत में 100 वर्गमीटर क्षेत्र से बडे़ फ्लैट होंगे। इनका इस्तेमाल कार्यालय, अतिथि गृह एवं स्टूडियो अपार्टमेंट आदि के लिए किया जा सकेगा।
- टीओडी में एफएआर एरिया के हर 100 वर्गमीटर में एक कार के बराबर पार्किंग होगी। टीओडी प्लॉट में कुल पार्किंग सुविधा का न्यूनतम 30 प्रतिशत हिस्सा पब्लिक पार्किंग के लिए इस्तेमाल होगा। टीओडी जोन में मौजूदा प्लॉटों को मिलाकर एक करने और पुनर्गठन की अनुमति है।
- पॉलिसी में एकमुश्त शुल्क लगाने की भी योजना है। इस शुल्क में एफएआर का प्रति वर्गमीटर 10 हजार रुपये रहेगा। इसमें दिल्ली जल बोर्ड का पानी और सीवर का इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट चार्ज, एमसीडी क प्लान सेक्शन चार्ज, जिसमें लैंड यूज चार्ज आदि भी शामिल होंगे।
यहां आने हैं टीओडी प्रोजक्ट
2023 में टीओडी प्रोजेक्ट के तहत 12 ट्रांजिट स्टेशन की पहचान की गई है। इनमें कश्मीरी गेट, निजामुद्दीन/सराय काले खां, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, द्वारका सेक्टर-8 से द्वारका सेक्टर-14 मेट्रो स्टेशन कॉरिडोर, जंगपुरा आरआरटीएस स्टेशन, हैदरपुर बादली मोड मेट्रो स्टेशन (मुकरबा चौक), रोहिणी सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, मुकुंदपुर मेट्रो स्टेशन, कड़कड़डूमा पिंक एंड ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशन और त्रिलोकपुरी मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। |
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