\“एसिया\“ उपाध्यक्ष व उद्यमी के बेटे की कार कांदरबेड़ा में लावारिस मिली।
डिजिटल डेस्क, रांची। राजधानी के धुर्वा से 11 दिनों तक लापता रही अंश-अंशिका के सुरक्षित मिलने से झारखंड पुलिस को राहत मिली ही थी कि अब एक और गंभीर मामला टाटा नगर से सामने आ गया है।
इस बार जमशेदपुर के जाने-माने औद्योगिक परिवार के युवा सदस्य कैरव गांधी के रहस्यमय ढंग से लापता होने ने उच्च पुलिस अधिकारियों को सकते में डाल दिया है। दोनों घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांधी परिवार पर छाया संकट
जमशेदपुर के चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा (एनएच-33 के पास) से 22 वर्षीय कैरव गांधी मंगलवार दोपहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। पुलिस अपहरण की प्रबल आशंका जता रही है। कैरव कोल्हान क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारों में से एक से हैं।
उनके दादा स्वर्गीय कांतिलाल गांधी ने कांतिलाल गांधी मेमोरियल (KGM) अस्पताल की स्थापना की थी और परिवार निःशुल्क नेत्र शिविरों सहित कई समाजसेवी कार्यों के लिए जाना जाता है।
उनके पिता देवांग गांधी आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के उपाध्यक्ष हैं और परिवार आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां संचालित करता है।
कैराव एक मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने लोयोला स्कूल, जमशेदपुर से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की, उसके बाद मुंबई के प्रतिष्ठित नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) से 2023 में बीबीए और मार्च 2025 में एमबीए (फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट) पूरा किया।
डिग्री हासिल करने के बाद वे मार्च 2025 से एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड (आदित्यपुर फेज-6) में पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
गांधी परिवार का व्यापारिक साम्राज्य आदित्यपुर में फैला हुआ है, जिसमें न्यूटेक ऑटो लिमिटेड सहित छह बड़ी इकाइयां शामिल हैं, जो टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों को ऑटो पार्ट्स सप्लाई करती हैं। परिवार सर्किट हाउस एरिया के पॉश इलाके में रहता है।
घर से निकले, फिर गायब
मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे कैरव अपनी क्रेटा कार से घर से निकले। उन्होंने परिजनों को बताया कि वे पहले बिष्टुपुर स्थित एसबीआई बैंक जाएंगे, फिर आदित्यपुर में अपनी कंपनी जाएंगे और दोपहर के भोजन के लिए घर लौट आएंगे।
लेकिन दोपहर 1:45 बजे तक वे घर नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। परिजनों की चिंता बढ़ने पर खोजबीन शुरू हुई।
बाद में चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा में उनकी कार लावारिस हालत में मिली। कुछ रिपोर्टों के अनुसार कार झाड़ियों में पड़ी थी। कार के इग्निशन में चाबी लगी हुई थी और कैरव का मोबाइल फोन गाड़ी के ठीक नीचे जमीन पर पड़ा मिला।
उनकी अंतिम मोबाइल लोकेशन सोनारी क्षेत्र में दर्ज हुई। बिष्टुपुर जाने की बात कहकर निकले युवक की कार कांदरबेड़ा कैसे पहुंची, इस पर पुलिस को गहरा संदेह है। आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने उन्हें रास्ते में रोककर जबरन किसी दूसरी गाड़ी में बैठाकर ले गए हों।
सीमाएं सील, सघन चेकिंग जारी
पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं। सर्किट हाउस से कांदरबेड़ा-पारडीह तक के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शहर से बाहर जाने वाले सभी मार्गों पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है।
विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष और ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। सीमावर्ती क्षेत्रों में मंगलवार से ही सघन जांच जारी है।
यह घटना इतने बड़े और विवादों से दूर औद्योगिक परिवार के साथ होने से औद्योगिक संगठनों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिसिया सुरक्षा और इंटेलिजेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभी तक कैरव का कोई सुराग नहीं मिला है और जांच तेजी से जारी है। व्यवसाय जगत में चिंता व्याप्त है। |
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