प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सूत्र, जागरण, ऊसराहार इटावा। बिना मर्जी के शादी तय कर देने से आहत होकर सुसाइड संबंधी स्टोरी इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर फंदा लगाने जा रही एक युवती की जान थाना पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर सतत निगरानी के चलते बचा ली।
यदि पुलिस पांच मिनट भी देर हो जाती तो युवती की जान चली जाती। पुलिस ने युवती को समझा-बुझा ऐसा दोबारा न करने की सलाह दी। क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के द्वारा मंगलवार को इंंटरनेट मीडिया के इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो के साथ आत्महत्या करने संबंधी संदेश को अपनी स्टोरी पर पोस्ट किया।
युवती के पोस्ट डालते ही इंटरनेट पर सक्रिय पुलिस मीडिया सैल ने पोस्ट का तुरंत संज्ञान लेकर लोकेशन ट्रेस कर थानाध्यक्ष बलराज भाटी को सूचित किया। थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए महिला पुलिस के साथ युवती के घर पहुंचकर आत्महत्या करने जा रही युवती को रोक लिया।
युवती घर पर अकेली थी, पुलिस ने घर में घुसकर देखा तो युवती फंदा डालकर झूलने जा रही थी। समझा बुझाकर उसे थाने लाया गया जहां स्वजन को बुलाकर मां के सामने लड़की से पूछताछ की गई। पूछताछ में युवती ने घर वालों द्वारा तय की गई शादी को न करने की बात कही।
जिसको लेकर मानसिक तनाव में थी और भावनात्मक रूप से टूटकर उसने यह कदम उठाने का प्रयास किया। स्वजन ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की।
थानाध्यक्ष बलराज सिंह भाटी ने बताया कि वीडियो मिलते ही वह तत्काल मौके पर पहुच गए यदि पांच मिनट की देरी होती तो शायद वह लड़की को बचा नहीं पाते।
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