जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में नमाज पढ़ने के प्रयास का अनसुलझा सवाल छोड़ कर कश्मीरी नागरिक एबी अहद शेख अपने स्वजनों के साथ घर लौट गया।
मंगलवार को मेडिकल परीक्षण के उपरांत पुलिस ने उसे उसके स्वजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने मानसिक विकार की पुष्टि के लिए शेख को मेडिकल कालेज में मानसिक रोग विशेषज्ञ को भी दिखाया था।
चिकित्सकीय जांच में वह मानिसक रोग मेनिया का संदिग्ध रोगी मिला है। मेनिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का मूड, ऊर्जा और गतिविधि का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे अत्यधिक खुशी, चिड़चिड़ापन, बढ़ी हुई ऊर्जा, नींद की कमी, अधिक बोलना और जल्दबाजी में फैसले लेने जैसे लक्षण दिखते हैं।
यह जानकारी मेडिकल कालेज दर्शननगर में शेख का चिकित्सकीय परीक्षण करने वाले मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डा. प्रदीप यादव ने दी है। डा. यादव ने बताया कि कुछ दवाएं भी उसे दी गईं हैं। उसके स्वजनों की ओर से जम्मू मेडिकल कालेज का जो पर्चा उपलब्ध कराया गया उसके आधार पर दवाएं दी गई हैं। दवा लेने में लापरवाही से उसका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका है।
गत शनिवार को कश्मीर के शोपियां गोड्डापोरा निवासी 55 वर्षीय शेख को रामजन्मभूमि परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। उससे विभिन्न खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी लंबी पूछताछ की, लेकिन राम मंदिर में नमाज पढ़ने के प्रयास का कारण नहीं स्पष्ट हो सका है।
शेख गत छह जनवरी को बिना बताए घर से निकला था। वह कटड़ा में वैष्णो देवी, दिल्ली में जामा मस्जिद एवं आगरा में ताजमहल देखने के बाद अयोध्या पहुंचा था, जहां उसने रामजन्मभूमि परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास किया था, जिसे दर्शनार्थियों ने पकड़ कर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया था।
सोमवार की रात शेख का पुत्र इमरान और भाई शाकिब उसे लेने के लिए अयोध्या पहुंच गए थे। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि शेख को उसके स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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