एटा के अस्पताल में बुधवार को लगी भीड़।
जागरण संवाददाता, एटा। मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम गलन भरी सर्दी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर में खिली धूप से कुछ राहत जरूर मिल रही है। दिन और रात के तापमान में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इसी कारण हृदय रोग और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
पिछले 24 घंटों के भीतर जिले में दो लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और घबराहट की शिकायत लेकर 10 मरीजों को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
मुहल्ला डाक बगलिया निवासी राघवेंद्र सिंह 70 वर्ष की बुधवार सुबह करीब 11 बजे हार्ट अटैक पड़ने से मौत हो गई। स्वजन ने बताया कि सीने में दर्द होने के बाद घबराहट हुई। इसके बाद निजी चिकित्सक के पास लेकर गए, यहां मृत घोषित कर दिया। वहीं निधौली कलां निवासी चंदन 70 वर्ष को हृदयाघात होने पर मेडिकल कालेज की इमरजेंसी बुधवार सुबह साढ़े दस बजे लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों ने जांच करने के बाद मृत बता दिया। मृतक के भतीजे प्रेम किशोर ने बताया कि सीने में दर्द और घबराहट होने के बाद सांस लेने में भी तकलीफ हुई। आनन फानन में मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे लेकिन बजाया नहीं जा सका।
सांस लेने में परेशानी होने पर बुधवार को कीर्ति देवी पत्नी राजेश्वर 30 वर्ष निवासी राधा विहार, राम कुमारी पत्नी रामनाथ 85 वर्ष निवासी जैथरा, मनोज कुमारी पत्नी जोधपाल निवासी निधौली कलां, मनीष कुमार पुत्र किशनवीर निवासी सकीट, रामदुलारी पत्नी साहूकार 65 वर्ष निवासी लक्ष्मणपुर फिरोजाबाद, बृज बिहारी लाल निवासी बरथरी बागवाला, वर्षाा देवी पत्नी सुनहरी लाल निवासी लोया बादशाहपुर बागवाला को भर्ती कराया गया।
वहीं रामपाल सिंह 65 वर्ष निवासी नगला जगन्नाथ सिंह पिलुआ , रामबेटी पत्नी राकेश कुमार 50 वर्ष निवासी हीरापुर और नरेंद्र सिंह 72 वर्ष निवासी भागवली जैथरा को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। सीएमएस डा. सुरेश चंद्रा ने बताया कि अधिकतर मरीज बुजुर्ग हैं, लेकिन कुछ मध्यम आयु वर्ग के लोग भी इसमें शामिल हैं।
अचानक ठंड और हल्की गर्मी के बदलाव से ब्लड प्रेशर असंतुलित हो रहा है, जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। सांस लेने में भी तकलीफ बढ़ रही है। इसको लेकर हार्ट मरीज और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम ठंडी हवा और गलन से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
वहीं दोपहर की धूप में निकलने के बाद शाम को अचानक ठंड लगने से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है। इसका असर सीधे हृदय और श्वसन तंत्र पर पड़ता है। |
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