किशनगंज में तेंदुए का आतंक।
संवाद सूत्र, गलगलिया (किशनगंज)। अनानास के खेतों में काम कर रहे किसानों पर बुधवार को तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में एक किसान गंभीर रूप से घायल हुआ है। भागने के क्रम में दो अन्य किसान भी मामूली रूप से घायल हुए हैं। घटना बंगाल सीमा से सटे गलगलिया प्रखंड की पथरिया पंचायत के लेबियाभीठा गांव स्थित फतिंगागच्छ की है। गंभीर रूप से घायल फतिंगागच्छ गांव के मु. अजीजुल का इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची वन विभाग व पुलिस की टीम तेंदुआ की खोजबीन कर रही है।
भागने के क्रम में दो लोग भी मामूली रूप से हुए घायल
वनरक्षी अमिताभ सौरभ व बबलू कुमार ने बताया कि तेंदुआ को देखा गया है। अभी वह एक चाय बगान में शरण लिए हुए है। यह वही तेंदुआ है जिसे पिछले दिनों कुकुरबाघी पंचायत के भेलाटोपी गांव में देखा गया था। चाय बगान होने के कारण तेंदुआ छिपा हुआ है। रातभर वन विभाग के कर्मी तेंदुए की निगरानी में रहेंगे। तेंदुए को देखने के बाद से लोगों में भय का माहौल देखा जा रहा है। लोग तेंदुए के फतिंगागच्छ से बंगाल की ओर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। थानाध्यक्ष मकसूद अहमद असरफी ने बताया कि फिलहाल एक घायल का इलाज करा दिया गया है। पुलिस टीम वन विभाग के साथ कैंप कर रही है।
वन विभाग व पुलिस की टीम क्षेत्र में कर रही कैंप
22 दिसंबर को गलगलिया प्रखंड के पथरिया और कुकुरबाघी में तेंदुआ देखा गया था। इस कारण यह माना जा रहा है कि तेंदुआ भागा नहीं, बल्कि इसी इलाके में घूम रहा है। मौके पर मौजूद वन विभाग के बबलू कुमार ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए अब केज (पिंजड़े) का सहारा लिया जाएगा। पिंजड़े में कुत्ता या बकरी डालकर रखी जाएगी, ताकि लोभ में आकर तेंदुआ उसमें फंस सके। वन विभाग के रेंज अधिकारी अंशुमन कुमार भी कैंप कर गांव के लोगों को तेंदुए से बचने के लिए जागरूक कर रहे। यहां अक्सर जंगली जानवर आते रहते हैं। 10 वर्ष पूर्व नेपाल से आए हाथी के हमले में चपाती गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। |
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