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ठंड में बढ़ा लकवा का खतरा, GMCH में रोज पहुंच रहे 5-6 नए मरीज; कम पानी पीना बना कारण

Chikheang 2026-1-15 01:56:59 views 980
  

ठंड बढ़ते ही लकवा के मामलों में तेज इजाफा। फोटो जागरण



जागरण संवाददाता, बेतिया। ठंड के कारण 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए खतरा भी बढ़ गया है। खासकर हाई ब्लडप्रेशर, मधुमेह (शुगर) और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी शुरू होते ही शहर और ग्रामीण इलाकों में लकवा यानी ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

गवर्नमेंट मेडिकल कkलेज एवं अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 5 से 6 नए पैरालिसिस मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि आइसीयू में 12 मरीज वेटिंग में हैं। आंकड़ों के मुताबिक महिला मेडिसिन वार्ड में चार और आइसीयू वार्ड में एक लकवा की मरीज भर्ती है। इससे पहले रोजाना अमूमन एक से दो मरीज ही आया करते थे। डाक्टरों के अनुसार अभी आ रहे मरीजों में कई की हालत गंभीर बनी रहती है।

जीएमसीएच की उपाधीक्षक डा. दिवाकांत मिश्रा ने बताया कि तापमान में गिरावट से ब्लडप्रेशर असंतुलित हो जाता है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है। यही वजह है कि सर्दी के मौसम में स्ट्रोक की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यह खतरा विशेष रूप से हाई बीपी, डायबिटीज और हृदय रोग से पीड़ित लोगों में ज्यादा देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि ठंड के दिनों में लोग कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन जाती है। इससे रक्त गाढ़ा हो जाता है और क्लाट बनने का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग सुबह बिना वार्म-अप किए तेज टहलना या व्यायाम शुरू कर देते हैं, जिससे नसों पर अचानक दबाव पड़ता है और ब्लडप्रेशर तेजी से बढ़ सकता है।

डाक्टरों के मुताबिक स्ट्रोक आने के बाद शुरुआती 3 से 4 घंटे बेहद अहम होते हैं। इस दौरान सही इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है और स्थायी नुकसान से भी बचाव संभव है। हल्के मामलों में दवा और फिजियोथेरेपी से मरीज में सुधार देखा जा रहा है।
भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया

ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज जीएमसीएच पहुंच रहे हैं। चौतरवा निवासी रतन कुमार ने बताया कि उनकी 65 वर्षीय मां लालमती देवी को सुबह शौच के दौरान अचानक लकवा मार गया। मटकोटा के रमेश सिंह ने बताया कि उनकी 60 वर्षीय मां को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है।

इससे शरीर का पूरा हिस्सा काम करना बंद कर गया। वहीं मझौलिया निवासी मो. नजसरुल्लाह ने बताया कि उनकी मां पहले से ब्लडप्रेशर और डायबिटीज की मरीज हैं और सुबह अचानक उनके दोनों हाथ-पैर निष्क्रिय हो गए। डाक्टरों ने लोगों से ठंड के मौसम में सतर्कता बरतने, नियमित दवा लेने, पर्याप्त पानी पीने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
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