वसुंधरा में छाया स्मॉग। जागरण
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। देश के 240 शहरों के 464 क्षेत्रों में दिल्ली के नेहरू नगर के बाद गाजियाबाद का वसुंधरा क्षेत्र की हवा सबसे अधिक जहरीली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार को नेहरू नगर का एक्यूआई 415 और वसुंधरा का 405 दर्ज किया गया। वसुंधरा की हवा इतनी जहरीली होने का कारण भी अधिकारियों को नहीं पता।
वहीं गाजियाबाद देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जनवरी में अभी तक वसुंधरा की हवा चार दिन गंभीर श्रेणी में रही है। यानी एक्यूआई400 से अधिक दर्ज किया गया है। बाकी दिन बेहद खराब श्रेणी में रही है। वसुंधरा के अलावा अन्य क्षेत्रों में थोड़ी राहत है। बुधवार को इंदिरापुरम की हवा खराब व संजय नगर की बेहद खराब रही। प्रदूषण से कभी राहत मिल जाती है तो कभी सांस फूलने लगता है।
प्रदूषण से राहत के लिए केवल हवा की गति बढ़ने पर ही निर्भर है। जबकि जिले में 20 से अधिक विभागों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कभी भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा है। यही कारण है कि हवा जहरीली बनी हुई है।
लोनी का मापक यंत्र रहा बंद
बुधवार को लोनी का प्रदूषण मापक यंत्र भी बंद रहा है। अगर यहां का मापक यंत्र भी चालू होता तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। आए दिन कोई न कोई प्रदूषण मापक यंत्र बंद रहा है। अधिकारी इसका कारण तकनीकी समस्या बता रहे हैं।
देश में सबसे अधिक जहरीली शहर
- ग्रेटर नोएडा 357
- दिल्ली 353
- गाजियाबाद 342
बुधवार को एक्यूआई की स्थिति
- गाजियाबाद 342
- इंदिरापुरम 300
- संजय नगर 322
- वसुंधरा 405
हवा की गति फिर से कम हो गई है। वायुमंडल में नमी भी बढ़ी है। इस कारण धूल के कण वायुमंडल में होने से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वसुंधरा की हवा इतनी खराब क्यों है इसका पता लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है।
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-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी |
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