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इंटरनेट वाला प्यार या जाल? 13 दिन में 100 दहलीजें लांघी गईं, कहीं अगला नंबर आपके घर का तो नहीं?

LHC0088 2026-1-15 01:57:14 views 1230
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। इंटरनेट मीडिया का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से तमाम युवती और किशोरियों का प्रेम परवान चढ़ रहा है। इंस्टाग्राम व अन्य साइड के माध्यम से शुरू हुई बातचीत प्रेम बदली तो जिले में किशोरियों और युवतियों द्वारा घर छोड़कर चले जाने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।  

हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इसी साल के पहले 13 दिनों में ही 100 से अधिक किशोरी और युवतियां घर की दहलीज लांघ चुकी हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत मामले नाबालिग किशोरियों से जुड़े हैं, जो प्रशासन और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।पिछले वर्ष 2025 में मुरादाबाद जिले के अलग-अलग थानों में प्रेमी के साथ फरार होने के 400 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।

इस वर्ष की शुरुआत में ही जिस तेजी से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि समस्या कितनी गहरी होती जा रही है। स्वजन जहां अपनी बेटियों की तलाश में थानों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं पुलिस के सामने भी इन मामलों को सुलझाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के सिविल लाइंस, मझोला, कटघर समेत करीब पांच प्रमुख थानों में तीन से चार सदस्यों वाली स्पेशल पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों का काम केवल लापता किशोरियों और युवतियों की तलाश करना है। एक युवती को तलाश कर घर पहुंचाया भी नहीं जाता कि उसी दौरान किसी दूसरे थाना क्षेत्र से नई गुमशुदगी की सूचना आ जाती है।

पुलिस जांच में सामने आ रहा है कि अधिकतर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए है जो इंटरनेट मीडिया के माध्यम से हुआ है। कई किशोरियां मोबाइल और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवकों के संपर्क में आती हैं और बिना किसी को बताए घर छोड़ देती हैं।
घर की दहलीज लांघने वालों में 50 प्रतिशत नाबालिग

प्रेम परवान चढ़ने के बाद घर की दहलीज लांघने वालों में किशोरियों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है। जबकि इनके प्रेमी अधिकांश बालिग है। पुलिस जब इन्हें बरामद कर रही है तो अधिकांश इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू होने की बात कह रही है। एकाएक जनवरी माह में इतनी संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है।
मझोला थाना क्षेत्र में सबसे अधिक लांघी गई दहलीज

वैसे तो जिले का कोई थाना नहीं है जहां किशोरी व युवती की गुमशुदगी दर्ज न हो, लेकिन मझोला क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे अधिक है। 13 दिनों में 15 से अधिक प्रेमी युगल फरार हो गए है। हालांकि पुलिस ने इसमें से कई को बरामद कर लिया है। एक शादीशुदा महिला भी इसी क्षेत्र से प्रेमी के साथ फरार हुई है।
क्या करें अभिभावक

  • बच्चों के मित्र, सहपाठी के विषय में संपूर्ण जानकारी रखते हुए निगरानी करे साथ ही आपसी बातचीत को महत्व भी दे।
  • विद्यालय, ट्यूशन इत्यादि से बच्चों के व्यवहार के बारे में जानकारी लगातार लेते रहे।
  • अगर आपके बच्चे के पास मोबाइल है तो उसकी लगातार निगरानी करे और यह देखे की वह इंटरनेट मीडिया का किस तरह उपयोग कर रहा है।
  • यदि बच्चे का व्यवहार बदल रहा है तो उसकी निगरानी बढ़ा दे और घर में लगातार बात करते रहे।
  • शिक्षा के साथ-साथ समाज में व्याप्त दोषो, लोगों के साथ हो रही लगातार ब्लैकमेलिंग के बारे में बताए। डराने की बजाय आकडों के माध्यम से ऐसा संदेश दें। जिससे वह समझ सके कि हमारे एक गलत से कितना प्रभाव पड़ेगा।


  


बच्ची का घर से भाग जाना, उसकी पारिवारिक परिस्थितियों में उसके भावनात्मक विकास का न होना भी कारण है। कई बार बालिका प्रेम व बहकावे में अंतर नहीं कर पाती है। उनके साथ किसी अजनबी व उसका अन्य मित्रों का व्यवहार अधिक सहज महसूस करवाता है अपेक्षाकृत पारिवारिक सदस्यों के, कई बार खराब आर्थिक पोस्थितियां, परिवार में नशे का प्रयोग व अन्य कारक भी इस प्रकार की घटनाओं की मुख्य वजह बनते है।


- रीना तोमर, मंडलीय मनोवैज्ञानिक




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