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सीएम योगी की फाइल फोटो।
धर्मेंद्र चंदेल, नोएडा। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार के कयास लंबे समय से लगाए जा रहे है। सूत्रों की मानें तो यह इंतजार अगले सप्ताह समाप्त हो सकता है। 26 फरवरी से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होना तय माना जा रहा है। योगी कैबिनेट में छह मंत्री पद खाली हैं। कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और कई नई चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। जातीय समीकरणों को भी ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल में विधायकों को तरजीह दी जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर से मंत्री बनने की रेस में नोएडा विधायक पंकज सिंह व दादरी विधायक तेजपाल नागर को भी शामिल माना रहा है। पंकज सिंह का नाम पिछले मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान भी दौड़ में सबसे आगे था। सूत्रों की माने तो युवा चेहरा, जनता में लोकप्रियता एवं संगठन के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों के दम पर वह इस बार मंत्रिमंडल में जगह पा सकते हैं। जिले से दूसरा नाम दादरी विधायक तेजपाल नागर का चल रहा है।
नोएडा विधायक पंकज सिंह और दादरी विधायक तेजपाल नागर। जागरण आर्काइव
गुर्जरों को साधने के लिए नए चेहरे की तलाश
सूत्रों के अनुसार सपा मुखिया अखिलेश यादव जिस तरह से पिछले कुछ समय से गुर्जरों में पैठ बढ़ा रहे हैं, उससे भाजपा हाईकमान भी चिंतित है। पश्चिमी उप्र में जाट और गुर्जर बड़ी संख्या में हैं। दोनों की संख्या लगभग बराबर है। जाट बिरादरी से योगी सरकार में तीन मंत्री है, लेकिन गुर्जर बिरादरी से मात्र एक राज्यमंत्री है।
पूर्व में कल्याण सिंह सरकार में चार व राजनाथ सिंह सरकार में गुर्जर बिरादरी से तीन मंत्री रहे थे। बसपा सरकार में चार मंत्री थे, लेकिन योगी सरकार में सिर्फ मेरठ से विधायक सोमेंद्र तोमर को राज्यमंत्री बनाया गया। विगत दिनों घोषित भाजपा जिलाध्यक्षों में गुर्जरों को उनकी आबादी के हिसाब से जगह नहीं मिली।
पश्चिमी उप्र से सिर्फ एक को जिलाध्यक्ष बनाया गया। इससे गुर्जरों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव इसका फायदा उठाने में लगे हैं। वह जगह-जगह गुर्जर सम्मेलन करा रहे हैं। मेरठ के सरधना विधायक अतुल प्रधान, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी व प्रदीप भाटी के हाथों में इन सम्मेलनों की कमान हैं।
अखिलेश गुर्जर सम्मेलन के लिए मार्च में दादरी आ रहे हैं। दादरी को गुर्जरों की राजधानी कहा जाता है। यहां से गुर्जरों के निर्णय का समूचे प्रदेश और देश में संदेश जाता है। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को जगह मिलना तय है। ऐसे में जाट मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो जाएगी। इससे गुर्जरों में भाजपा के प्रति और नाराजगी बढ़ सकती है।
पिछली योगी सरकार में स्वतंत्र विभाग के मंत्री रहे अशोक कटारिया
भाजपा हाईकमान ने इसके मद्देनजर एवं गुर्जरों में अखिलेश यादव की बढ़ती काट के लिए एक गुर्जर नेता को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला कर लिया है। मंत्री बनने की दौड़ में दादरी विधायक तेजपाल नागर और विधान परिषद सदस्य अशोक कटारिया के नाम बताए जा रहे हैं।
अशोक कटारिया पिछली योगी सरकार में भी स्वतंत्र विभाग के मंत्री रहे थे। स्वास्थ्य कारणों से योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वह मंत्रिमंडल में जगह नहीं पा सके। उनके लिए संघ और पूर्वी क्षेत्र से संगठन के लोग पैरवी में लगे हुए हैं। बाजी किसके हाथ लगेगी, यह तो मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान ही पता चलेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर खूब हलचल है। हर किसी की जुबान पर यही है कि कौन नेता मंत्रिमंडल में जगह पाएगा। |
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