ट्रंप की धमकी और ईरान की चेतावनी के बीच वॉर का खतरा अमेरिका के पास है 6 ऑप्शन (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर हालात और बिगड़े तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इसी पृष्ठभूमि में यह सवाल उठ रहा है कि अगर ट्रंप हमला करने का आदेश देते हैं, तो अमेरिका ईरान पर कैसे वार कर सकता है?
ईरान इस समय पिछले कई सालों के सबसे गंभीर घरेलू संकट से गुजर रहा है। देश भर में सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठा सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में हस्तक्षेप कर सकता है। इससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी हमला उलटा असर डाल सकता है। उनका कहना है कि बाहरी हमले से ईरा की सरकार राष्ट्रवाद का सहारा लेकर जनता को अपने पक्ष में खड़ा कर सकती है, जिससे प्रदर्शनकारियों की स्थिति कमजोर हो सकती है।
कहां-कहां है अमेरिका का सैन्य अड्डा?
अमेरिका की मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य मौजूदगी है। ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिका के कई सैन्य अड्डे और ठिकाने हैं। यह मौजूदगी अमेरिका की रणनीतिक ताकत दिखाती है, लेकिन साथ ही इन ठिकानों पर जवाबी हमले का खतरा भी बना रहता है।
पिछले साल ईरान ने क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था, जिसके बाद अमेरिका को कुछ जगहों से अपने सैनिकों की संख्या घटानी पड़ी थी। जून में ईरान ने कतर के अल उदैद एयरबेस पर हमला किया था।
ईरान ने कहा था कि यह हमला उसके परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया है। इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शमखानी ने चेतावनी दी थी कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने की क्षमता और इरादा रखता है।
अमेरिका के पास कौन-कौन से विकल्प?
पहला विकल्प हवाई हमला:- अमेरिका हवाई हमले के तहत मिडिल ईस्ट में मौजूद अपने ठिकानों से B-2 बॉम्बर और फाइटर जेट्स के जरिए ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
दूसरा विकल्प समुद्र से हमला:- अमेरिकी युद्धपोतों, एयरक्राफ्ट कैरियर या पनडुब्बियों से क्रूज मिसाइलें दागी जा सकती हैं, जो ईरान के अहम ठिकानों पर हमला करेंगी।
तीसरा विकल्प ड्रोन हमला:- अमेरिका सटीक हमलों के लिए सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है, जिनसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड या प्रदर्शन दबाने में शामिल इकाइयों को निशाना बनाया जा सकता है।
चौथा विकल्प साइबर युद्ध:- अमेरिका ईरान की सैन्य कमांड, संचार नेटवर्क और सिस्टम को साइबर हमलों के जरिए बाधित कर सकता है, जिससे ईरान की जवाबी क्षमता कमजोर हो जाए।
पांचवां विकल्प गुप्त स्पेशल फोर्स ऑपरेशन:- इसमें अमेरिकी विशेष दल ईरान के अहम सैन्य या रणनीतिक ठिकानों पर तोड़फोड़ कर सकते हैं, बिना सीधे युद्ध छेड़े।
छठा विकल्प लंबी दूरी की मिसाइलों से सीमित हमला:- इनमें मिसाइल बनानी वाली फैक्ट्रियों या परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ऐसे कुछ ठिकानों पर अमेरिका पहलेभी हमले कर चुका है।
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