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सांकेतिक तस्वीर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आबकारी विभाग नई शराब नीति में एल्कोहल के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने का प्रविधान करेगा। वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की जा रही आबकारी नीति में डिस्टलरी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। नई डिस्टलरी की स्थापना के लिए नियमों को और सरल बनाए जाने पर आबकारी अधिकारी मंथन कर रहे हैं। साथ ही निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स व्यवस्था सुधारने और अतिरिक्त प्रोत्साहन देने पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा राज्य में वाइन उत्पादन के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा निवेश को लाने के लिए वाइन उत्पादकों को भी रिटेल आउटलेट खोलने से लेकर अन्य सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि अगले वित्तीय वर्ष में खाली होने वाली शराब की दुकानों का आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और ज्यादा से ज्यादा से आबकारी राजस्व एकत्र किया जाए।
मौजूदा नीति के तहत सरकार ने आबकारी विभाग को 63 हजार करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य दिया है। दिसंबर तक आबकारी विभाग ने 39695.73 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। नई नीति में आबकारी राजस्व के लक्ष्य को 10 प्रतिशत बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। |
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