गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान के आसपास हवाई क्षेत्र को बुधवार अस्थायी रूप से बंद कर दिया। करीब पांच घंटे तक ईरान का एयरस्पेस बंद रहा।
आशंका है कि तनाव के बीच यह बंदी मिसाइल लांच या हवाई रक्षा गतिविधियों के कारण हुई, जिससे नागरिक विमानों को खतरा बढ़ गया। हालांकि बृहस्पतिवार सुबह से बंद एयरस्पेस को खोल दिया गया, जिससे राहत हुई। लेकिन तनाव को देखते हुए ईरान के एयर स्पेस बंद होने का खतरा अभी भी मंडरा रहा है। इस बंदी के दौरान भारत सहित दुनिया के तमाम देशों से जुड़ी उड़ानों में दिक्कत हुई।
भारतीय विमानन कंपनियों की बात करें तो एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट बुरी तरह प्रभावित हुईं , इन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद करना पड़ा। इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई1808 ईरान के एयरस्पेस से गुजरने वाली आखिरी गैर-ईरानी उड़ान थी, जो बंदी से महज मिनटों पहले निकल पाई।
बता दें कि ईरान का एयरस्पेस पूर्व-पश्चिम उड़ानों के लिए एक महत्वपूर्ण रूट है। बंदी की वजह से एयरलाइंस को उत्तरी या दक्षिणी वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जिससे उड़ान समय में 30-60 मिनट की बढ़ोतरी हुई। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों के निर्धारित मार्ग में फेरबदल किया जा रहा है, लेकिन जहां संभव नहीं, उड़ानें रद की जा रही हैं।
दिल्ली-न्यूयार्क (एआइ 101), दिल्ली-नेवार्क (एआइ 105) और मुंबई-न्यूयार्क (एआइ 119) जैसी उड़ानें रद कर दी गईं। इन उड़ानों की वापसी उड़ानें भी प्रभावित हुईं। उधर इंडिगो की बाकू-दिल्ली उड़ान को कैस्पियन सागर पार करने के बाद ईरान के ऊपर से गुजरना था, लेकिन बंदी के कारण उसे बाकू वापस लौटना पड़ा। स्पाइसजेट ने भी समान एडवाइजरी जारी की, जिसमें यात्रियों से उड़ान का स्टेटस चेक करने की अपील की गई।
तात्कालिक प्रभाव
बंदी का सबसे तात्कालिक असर भारतीय यात्रियों पर पड़ा है। भारत से यूरोप, अमेरिका और मध्य एशिया जाने वाली उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए, उड़ानें देर से चलीं या रद हो गईं। एअर इंडिया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की स्थिति के कारण एयरस्पेस बंद होने से हमारी उड़ानें वैकल्पिक रूट्स पर जा रही हैं, जिससे देरी हो सकती है। जहां मार्ग परिवर्तन संभव नहीं, उड़ानें रद की जा रही हैं।
इंडिगो की मुंबई- तिब्लिसी और तिब्लिसी-मुंबई उड़ानें शुक्रवार के लिए रद कर दी गईं। इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को फ्लेक्सिबल रीबुकिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया। स्पाइसजेट ने भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को एयरपोर्ट आने से पहले वेबसाइट चेक करने की सलाह दी गई।
बढ़ सकता है किराया
विमानन से जुड़े लोगों का कहना है कि ईरान से जुड़ा तनाव विमानन पर गंभीर असर डालेगा। पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल को झटका लगेगा, खासकर सर्दियों के मौसम में जब यूरोप और अमेरिका की यात्राएं बढ़ जाती हैं। वैकल्पिक मार्ग अपनाने से उड़ानों के दौरान ईंधन खपत में बढ़ोतरी से एयरलाइंस की लागत भी बढ़ेगी, जो टिकट कीमतों पर दबाव डालेगा।
वैश्विक स्तर पर लुफ्तहंसा जैसी एयरलाइंस ने भी ईरान और इराक के एयरस्पेस से बचने का फैसला किया, जिससे भारत-यूरोप रूट्स पर और देरी हुई। जानकारों का कहना है कि यदि बंदी बार-बार होती रही, तो एयरलाइंस को स्थायी वैकल्पिक रूट्स विकसित करने पड़ेंगे, जैसे कि उत्तरी ध्रुवीय रूट्स या दक्षिणी समुद्री मार्ग, लेकिन ये मौसम और जियोपालिटिकल जोखिमों से प्रभावित होते हैं। |