एक्सप्रेस-वे की प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। सड़क मार्ग से आवागमन सुगम बनाने के लिए योगी सरकार हाईवे और एक्सप्रेस-वे का विस्तार कर रही है। बरेली से उत्तराखंड तक बरेली-सितारगंज हाईवे का निर्माण पहले से कराया जा रहा है। अब सरकार ने बरेली-ललितपुर कारिडोर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की है, इससे उत्तर से दक्षिण तक आवागमन आसान हो जाएगा। गंगा और यमुना दोनों एक्सप्रेस-वे से बरेली का जुड़ाव हो जाएगा। इससे उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक वाहनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।
बरेली-ललितपुर कारिडोर कासगंज, आगरा, ग्वालियर, झांसी होते हुए निकलेगा। बरेली मंडल में इसका स्वरूप क्या होगा, अभी लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआइ के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि इस कारिडोर का प्रस्ताव मुख्यालय स्तर से ही गूगल मैप की मदद से तैयार किया गया है।
मेरठ से प्रयागराज तक तैयार हो चुका एक्सप्रेस-वे
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने का काम पहले से चल रहा है। बरेली-ललितपुर कारिडोर से यह कहां पर जुड़ेगा अभी क्षेत्रीय अधिकारी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन बदायूं में यह मेरठ से प्रयागराज तक बनकर तैयार हो चुके गंगा एक्सप्रेस-वे और मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा।
उत्तरी क्षेत्र में उत्तराखंड तक बरेली-सितारगंज हाईवे पहले से बनाया जा रहा है, नए कारिडोर से उत्तर से दक्षिण तक सीधा जुड़ाव हो जाएगा। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे से बरेली पहले से जुड़ा हुआ है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है, इससे पूरब से पश्चिम तक सड़क मार्ग से आवागमन सुगम हो जाएगा।
प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित नार्थ-साउथ कारिडोर परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए सहमति दे दी है। अब इसे कैबिनेट में पास कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोक निर्माण विभाग और एनएचएआइ के अधिकारियों को इस परियोजना की विस्तृत जानकारी नहीं है।
लोक निर्माण विभाग एनएच खंड के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव का कहना है कि बरेली-ललितपुर कारिडोर के संबंध में यहां से कोई प्रस्ताव नहीं किया गया है। इस संबंध में मुख्यालय से अभी कोई जानकारी नहीं मांगी गई है। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि समाचार पत्र के माध्यम से ही परियोजना की जानकारी मिली है, विभाग से कोई आदेश, निर्देश नहीं मिला है।
अभी कुछ बता पाने की स्थिति नहीं है। एनएचएआइ के परियोजना अधिकारी नवरत्न का कहना है कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन बरेली-ललितपुर कारिडोर के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके संंबंध में मुख्यालय से भी कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
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