जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विभागीय स्तर पर नगर निगमों को एक माडल प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। इसी के आधार पर भागलपुर नगर निगम ने नई आउटसोर्सिंग सफाई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया से पहले गहन अध्ययन और सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है।
नगर निगम का स्पष्ट उद्देश्य है कि पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर चूक न हो। शहर के 51 वार्डों में वार्ड स्तर पर गलियों की गणना कर ली गई है। इसी आकलन के आधार पर मानव बल की आवश्यकता तय की जाएगी। नगर निगम मार्च माह तक निविदा (टेंडर) की तैयारी पूरी करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने सफाई एजेंसी के चयन से पूर्व चार अन्य नगर निगमों में पूर्व में जारी किए गए आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) का विस्तृत अध्ययन करने का निर्देश दिया है। इन नगर निगमों में लागू व्यवस्थाओं, कार्यदायित्वों, भुगतान प्रणाली, निगरानी तंत्र, दंड और प्रोत्साहन से जुड़ी शर्तों का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि भागलपुर नगर निगम की जरूरतों के अनुरूप एक प्रभावी और व्यावहारिक प्रारूप तैयार किया जा सके।
इसी क्रम में शहर के विभिन्न वार्डों में मौजूदा सफाई व्यवस्था की स्थिति को लेकर सर्वे भी कराया जा रहा है। सर्वे में जनसंख्या घनत्व, व्यावसायिक क्षेत्र, बाजार, प्रमुख चौक-चौराहे, नाला सफाई, रात्रि पाली की आवश्यकता और अतिरिक्त श्रमिकों की जरूरत जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एजेंसी चयन के समय वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शर्तें तय की जा सकें।
इस पूरी प्रक्रिया में भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वरीय तकनीकी प्रबंधक से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। स्मार्ट सिटी के अनुभव और तकनीकी दक्षता के आधार पर निगरानी प्रणाली, डिजिटल रिपोर्टिंग, जीपीएस आधारित उपस्थिति, कार्य निष्पादन का मूल्यांकन और शिकायत निवारण तंत्र को भी आरएफपी में शामिल करने की तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य केवल एजेंसी चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में एक स्थायी, जवाबदेह और पारदर्शी सफाई व्यवस्था लागू करना है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके। |