प्रतीकात्मक तस्वीर
मिलन गुप्ता, जागरण बलिया। आत्मनिर्भर भारत की जमीनी तस्वीर को धरातल पर उतारने के लिए भृगु नगरी की धरती बलिया तैयार है। यहां पूर्वांचल का पहला स्वदेशी ग्रामीण मॉल बनाने की तैयारी है जिस पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
चिलकहर विकास खंड के ग्राम पंचायत हजौली स्थित ग्रामीण सरस हाट को ही अब आधुनिक स्वरूप में बदलने की तैयारी है क्योंकि बदलते समय के साथ यह हाट अब निष्क्रिय हो चुका है।
कभी वर्ल्ड बैंक ने डीआरडीए के माध्यम से की थी मदद
हजौली में इस ग्रामीण सरस हाट को बनाने में वर्ष 2006 में वर्ल्ड बैंक ने डीआरडीए के माध्यम से मदद की थी। लाखों रुपये की आर्थिक मदद मिलने के बाद यहां 12x12 के आकार में 18 दुकानों को तैयार कराया गया था ताकि स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा मिल सके और ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान किया जा सके।
इस हाट के निर्माण का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके ही क्षेत्र में अपने उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बनाना था। विभागीय उपेक्षा के कारण यह योजना अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रही। बाजार गुलजार होने के बजाय परिसर में गंदगी व झाड़-झंखाड़ में तब्दील हो गया। इसका संचालन ग्राम पंचायतों को सौंपा गया था लेकिन इसको मुकाम नहीं मिल सका।
अब ग्राम पंचायत की बजाय ब्लॉक को सौंपने की तैयारी
अधिकारियों के मुताबिक स्वदेशी ग्रामीण मॉल को ग्राम पंचायत को सौंपने की बजाय ब्लॉक को सौंपा जाएगा ताकि इसका संचालन व रख-रखाव बेहतर हो सके। हालांकि अब उम्मीद जग गई है जहां स्वदेशी ग्रामीण मॉल की परिकल्पना के अंतर्गत अत्याधुनिक एवं नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
यहां आकर्षक पाथवे व सुगम आवागमन व्यवस्था, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट, सुदृढ़ एवं ऊर्जा-सक्षम प्रकाश व्यवस्था, स्वदेशी व्यंजनों की बिक्री के लिए आधुनिक फूड कोर्ट, शेड एवं ओपन डिस्प्ले जोन, सामुदायिक शौचालय, रंगाई–पुताई एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
यहां स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद, स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं ग्रामोद्योग आधारित वस्तुएं का प्रदर्शन सहित विक्रय किया जाएगा, जिससे वोकल फार लोकल की अवधारणा को मजबूती मिलेगी। महिला उद्यमिता व सशक्तीकरण को केंद्र में रखते हुए यह मॉल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ के रूप में उभरेगा। दुकानों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी आवंटन, किराये के माध्यम से आय भी सुनिश्चित होगी।
पूर्वांचल का पहला स्वदेशी ग्रामीण मॉल बलिया में बनाने की तैयारी है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन व आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलेगा जहां गांव की मेहनत, संस्कृति और आत्मनिर्भरता एक ही छत के नीचे साकार होगी। वर्तमान में यहां इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जा रहा है।
ओजस्वी राज, मुख्य विकास अधिकारी, बलिया |
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