बहराइच बनेगा अंडा उत्पादन का हब।
जागरण संवाददाता, बहराइच। जिले को अंडा उत्पादन का हब इकाइयां बनाने के लिए बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन की इकाइयां स्थापित की जाएंगी। हालांकि पशुपालन विभाग को इसका लक्ष्य नहीं मिला है। अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने का प्रयास है। परियोजनाएं 10 हजार से लेकर 60 हजार पक्षियों तक क्षमता की होंगी।
जिले में हर दिन 15 से 20 लाख अंडों की खपत हो रही है, जबकि यहां प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख अंडे ही उत्पादित होते हैं। ऐसे में स्थानीय बाजार की मांग पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों से पूरी होती है।
इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने जिले में अंडा उत्पादन की इकाइयां खुलवाने के लिए उत्तर प्रदेश कुक्कुट योजना लागू की है। इसमें एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक की लागत से तैयार होने वाली अंडा उत्पादन की इकाइयां स्थापित कराने का व्यवस्था की गई है।
योजना के तहत कोई लक्ष्य नहीं दिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। परियोजना पर आने वाले खर्च का 30 फीसदी आवेदक को लगाना होगा, जबकि 70 फीसदी पैसा बैंक से लोन के रूप में मिलेगा। पांच साल तक लोन पर लगने वाले ब्याज की भरपाई शासन की ओर से की जाएगी।
इस तरह स्थापित होंगी इकाइयां
पक्षी क्षमता कुल लागत (लाख ₹) बैंक ऋण (लाख ₹) मार्जिन मनी (लाख ₹)
10,000
99.53
69.67
29.65
30,000
259.69
179.69
77.00
60,000
491.90
344.33
147.57
(नोट : लागत, ऋण और मार्जिन मनी लाख रुपये में है, लोन पर लगने वाले ब्याज का 60 फीसदी पैसा शासन द्वारा पांच साल तक वहन किया जाएग।)
अंडा उत्पादन की इकाई लगाने के लिए विभाग में आवेदन किया जा सकता है। अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। जिले में जितने आवेदन आएंगे, उन्हें लाभ दिया जाएगा। इकाई स्थापित करने की कोई सीमा नहीं है। -डॉ. राजेश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बहराइच। |